नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वित्त वर्ष 2017-18 खत्म होने में अब सिर्फ एक महीने का समय ही रह गया है। ऐसे में अगर आप किसी निवेश विकल्प की तलाश में हैं तो एफडी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। छोटी अवधि के निवेश के लिहाज से फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को न सिर्फ सुरक्षित माना जाता है बल्कि यह आसान भी होता है। अधिकांश लोगों को निवेश के इस विकल्प के बारे में सारी जानकारियां नहीं होती और इस वजह से उन्हें वो फायदे नहीं मिल पाते जिनके वो हकदार होते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि आप बैंक में एफडी कराकर भी इनकम टैक्स बचा सकते हैं। दैनिक जागरण की टीम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको यही बताने की कोशिश करेगी। जानिए टैक्स सेविंग एफडी के बारे.....

मुख्य बातें:

  • ये सामान्य सावधि जमा (एफडी) ही होते हैं, लेकिन निवेश के दौरान बैंक इनमें “टैक्स सेविंग एफडी” का लेबल लगा देते हैं।
  • इस तरह की सामान्य सावधि जमा (एफडी) की न्यूनतम अवधि 5 साल होती है।
  • बैंक इस तरह की सामान्य सावधि जमा (एफडी) पर सामान्य लोगों को 6.50 फीसदी का और सीनियर सिटीजन को 7 फीसद तक का ब्याज मिल जाता है।
  • इसके साथ ही कुछ बैंक सीनियर सिटीजन और अपने कर्मचारियों को 0.25 फीसद से 0.75 फीसद का अतिरिक्त ब्याज भी देते हैं।

क्या हैं लाभ:

  • निवेश करने में आसान: कई बैंक टैक्स सेविंग एफडी के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करवाते हैं।
  • परिपक्वता के बाद राशि सीधे आपके बैंक खाते में आ जाती है।
  • सबसे ज्यादा सुरक्षित: आरबीआई की तरफ से 1 लाख रुपए तक की एफडी जारी की जाती है।

क्या है नुकसान:

  • अर्जित हुआ ब्याज कर योग्य होता है।
  • म्योच्योर होने से पहले आप जमा की हुई रकम नहीं निकाल सकते हैं।
  • आप टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपाजिट पर लोन का आवेदन नहीं कर सकते हैं।

टैक्स की बचत:

  • डाकघर सावधि जमा जिसकी राशि 5 साल में परिपक्व होती है वो भी आयकर की धारा 80 सी के अंतर्गत कर कटौती योग्य होती है।
  • मौजूदा आयकर कानून की धारा 80C की मदद से आप टैक्स सेविंग एफडी में किए निवेश पर 1.5 लाख रुपए तक की छूट प्राप्त कर सकते हैं। आपकी ग्रॉस टोटल इनकम में से आपकी ओर से टैक्स सेविंग एफडी में निवेश की गई राशि को घटाकर टैक्सेबल इनकम निकाली जाती है।
  • इस पर 8.50 फीसद ब्याज मिलता है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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