नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। थोक महंगाई के मोर्चे पर एक बुरी खबर है। अप्रैल महीने में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर 2.47 फीसद से बढ़कर 3.18 फीसद पर आ गई है। इसके 2.92 फीसद रहने का अनुमान लगाया गया था। ये डेटा केंद्रीय सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी किया गया है। गौरतलब है कि मार्च में WPI इंडेक्स 2.47 फीसद पर रहा था।

खाने पीने की चीजें हुईं महंगी: अप्रैल महीने में सब्जियों से जुड़ी महंगाई दर (-) 2.7 से बढ़कर (-) 0.89 फीसद पर आ गई। वहीं खाद्य महंगाई दर (-) 0.07 फीसद से बढ़कर 0.67 फीसद पर आ गई। दालों की महंगाई दर (-)20.58 फीसद से बढ़कर (-) 22.46 फीसद पर रही है। हालांकि प्याज की महंगाई दर ने थोड़ी राहत दी है। अप्रैल महीने में यह 42.12 फीसद से घटकर 13.62 फीसद पर आ गई है। वहीं अप्रैल के दौरान प्राइमरी आर्टिकल्स से जुड़ी महंगाई दर 0.24 फीसद से बढ़कर 1.41 फीसद रही है।

अगर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बात करें तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी महंगाई दर अप्रैल महीने में 3.03 फीसद से बढ़कर 3.11 फीसद रही है। वहीं फ्यूल एवं पावर से जु़ड़ी महंगाई दर 4.70 फीसद से बढ़कर 7.85 फीसद रही है। अप्रैल में कोर WPI 3.6 फीसद (मासिक आधार पर) पर बरकरार रही है। अंडे एवं मांस से जुड़ी महंगाई दर (-) 0.82 फीसद से (-) 0.2 फीसद रही है।

बीते महीनों का हाल: मार्च महीने में डब्ल्यूपीआई मंहगाई दर 2.47 फीसद पर, फरवरी महीने में थोक महंगाई दर 2.48 फीसद, जनवरी महीने में थोक महंगाई 2.84 फीसद, दिसंबर महीने में डब्ल्यूपीआई महंगाई दर 3.58 फीसद और नवंबर महीने में 3.93 फीसद रही थी।

Posted By: Praveen Dwivedi