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'India US Trade Deal अब तक नहीं हो पाई क्योंकि PM मोदी ने...', ये क्या बोल गए अमेरिकी कॉमर्स मिनिस्टर

Published: Fri, 09 Jan 2026 11:35 AM (IST)

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने दावा किया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (India US Trade Deal) इसलिए रुका क्योंकि ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अमेरिकी मंत्री ने मोदी पर ट्रेड डील रोकने का आरोप लगाया।

  2. पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, यह दावा।

  3. रूसी तेल खरीद और टैरिफ भी समझौते में बाधा।

नई दिल्ली। इंडिया और अमेरिका के बीच कई महीनों से रुकी ट्रेड डील (India US Trade Deal) पर एक बड़ी खबर सामने आई है। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील अब तक क्यों नहीं हो पाई इसे लेकर अमेरिका के वाणिज्य मंत्री ने पीएम मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने दावा किया है कि अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील इसलिए नहीं हुई क्योंकि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (PM Modi and Trump) को फोन नहीं किया।

अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने कहा है कि उन्होंने "एक डील पक्की की थी", लेकिन वह फाइनल नहीं हो पाई क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को "कॉल नहीं किया"।

मोदी ने नहीं किया फोन इसलिए अब तक नहीं हुई ट्रेड डील

हॉवर्ड लटनिक ने एंटरप्रेन्योर चमाथ पालिहापिटिया के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा, "सब कुछ सेट हो गया था, लेकिन मैंने कहा कि मोदी को प्रेसिडेंट को कॉल करना होगा। वे ऐसा करने में असहज थे, इसलिए मोदी ने कॉल नहीं किया। भारत की डील दूसरे देशों से पहले होने वाली थी। मैंने उनके साथ ज्यादा रेट पर बातचीत की थी।"

लटनिक ने यह भी कहा कि अमेरिका ने आने वाले हफ्ते में इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों के साथ कई डील की, लेकिन भारत के साथ वाली डील तो उससे भी पहले होने वाली थी।

डोनल्ड ट्रंप के मंत्री यह टिप्पणी ट्रंप के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि अगर भारत "रूसी तेल मुद्दे" पर मदद नहीं करता है तो वह भारत पर मौजूदा टैरिफ बढ़ा देंगे। और यह 500% तक टैरिफ (500% Tariff Threat) लगा सकते हैं

ट्रंप हाल ही में कहा था, "भारत मुझे खुश करना चाहता था। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं और उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था। और मुझे खुश करना जरूरी था। हम उन पर टैरिफ बहुत जल्दी बढ़ा सकते हैं।"

अमेरिका ने भारत पर लगाया था एक्स्ट्रा टैरिफ

अगस्त में, अमेरिका ने भारत से देश में आने वाले इंपोर्ट पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगा दिए थे, यह आरोप लगाते हुए कि नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल खरीदने से यूक्रेन में मॉस्को की 'वॉर मशीन' को बढ़ावा मिल रहा है। तब से भारतीय सामानों पर कुल टैरिफ 50% हो गया है, जिसमें 25% एक्स्ट्रा टैरिफ और 25% ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ शामिल हैं।

तब से, दोनों देशों के बीच कई दौर की ट्रेड बातचीत हुई है, जिसमें 10 दिसंबर से 12 दिसंबर तक एक मीटिंग भी हुई, जब अमेरिकी अधिकारी नई दिल्ली आए थे।

India US ट्रेड डील को लेकर कहां फंसा है पेंच

भारत और अमेरिका टैरिफ से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और एक बड़े ट्रेड एग्रीमेंट पर फोकस करने के लिए एक फ्रेमवर्क ट्रेड डील बनाने के मकसद से समानांतर बातचीत कर रहे हैं।

2025 की सर्दियों के मौसम तक India US Trade Deal के पहले चरण को पूरा करने का शुरुआती लक्ष्य तय किया था। हालांकि, यह डील अभी भी अटकी हुई है, क्योंकि रूस के साथ भारत का व्यापार एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। प्रस्तावित समझौते का मकसद 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $191 बिलियन से दोगुना से ज्यादा करके $500 बिलियन तक पहुंचाना है।