देश का पहला प्राइवेट बैंक कौन सा था? आज इस नाम से फेमस, फाइनेंस मिनिस्टर डॉ मनमोहन सिंह ने किया था शुरू
क्या आप भारत के पहले प्राइवेट बैंक के बारे में जानते हैं? भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में पुराने और नए प्राइवेट ...और पढ़ें

भारत का पहला प्राइवेट बैंक: नेडुंगाडी बैंक से HDFC तक का सफर (AI फोटो )

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नई दिल्ली। भारतीय बैंकिंग सेक्टर, सरकारी और प्राइवेट संस्थानों का एक मिला-जुला और तेजी से बदलने वाला क्षेत्र है। भारत में, प्राइवेट सेक्टर के बैंकों का मतलब ऐसे फाइनेंशियल संस्थानों से है, जिनमें ज्यादातर इक्विटी या शेयर सरकार के बजाय प्राइवेट शेयरहोल्डर्स के पास होते हैं। हालांकि आज के फाइनेंशियल माहौल में बड़ी-बड़ी मॉडर्न कॉर्पोरेट कंपनियां छाई हुई हैं, लेकिन प्राइवेट बैंकिंग की शुरुआत एक सदी से भी पहले हुई थी। देश का सबसे पहला प्राइवेट बैंक द नेडुंगाडी बैंक 1899 में केरल के कोझिकोड में राव बहादुर टी.एम. (थलाकोडी मडाथिल) अप्पू नेडुंगाडी ने शुरू किया था।
उदारीकरण के बाद भारत का पहला प्राइवेट बैंक
हालांकि 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद शुरू हुए नई पीढ़ी के प्राइवेट बैंकों में, एक्सिस बैंक की स्थापना 3 दिसंबर, 1993 को मूल रूप से UTI बैंक के नाम से हुई थी और इसने 1994 में अपना कामकाज शुरू किया। इस तरह Axis बैंक भारत का पहला प्राइवेट बैंक बना। HDFC बैंक को भी 1994 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से औपचारिक मंजूरी मिली। इसके बाद ICICI बैंक को मंजूरी मिली।
UTI या एक्सिस बैंक को शुरुआती समय में अर्थशास्त्री और आरबीआई के पूर्व उप-गवर्नर डॉ. पी.जे. नायक ने संभाला। 2 अप्रैल, 1994 को अहमदाबाद में यूटीआई बैंक की पहली शाखा ने परिचालन शुरू किया। इसका उद्घाटन भारत के तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया, जो भारत के 1991 के आर्थिक उदारीकरण के सूत्रधार भी थे।
पुराने बनाम नए प्राइवेट बैंक
भारत में फाइनेंशियल रेगुलेटर प्राइवेट सेक्टर के बैंकों को दो अलग-अलग ग्रुप में बांटते हैं। पहला पुराने और दूसरा नए। पुराने प्राइवेट सेक्टर के बैंक वे हैं जो 1969 में बैंकों के बड़े पैमाने पर हुए राष्ट्रीयकरण से पहले से मौजूद थे। इन संस्थानों ने उस दौर में अपनी आजादी बनाए रखी क्योंकि वे या तो बहुत छोटे थे या फिर इतने खास काम करते थे कि उन्हें सरकार के राष्ट्रीयकरण के प्रयासों में शामिल नहीं किया गया।
इसके उलट, नए प्राइवेट सेक्टर के बैंक वे आधुनिक संस्थान हैं जिन्हें 1990 के दशक में भारत के आर्थिक उदारीकरण के बाद बैंकिंग लाइसेंस मिले, और जिन्होंने देश की फाइनेंशियल सर्विस को पूरी तरह से बदल दिया।
आज के प्रमुख प्राइवेट सेक्टर बैंक
| क्र. सं. | प्राइवेट बैंक का नाम | मुख्यालय |
| 1 | एक्सिस बैंक लिमिटेड | मुंबई |
| 2 | HDFC बैंक लिमिटेड | मुंबई |
| 3 | ICICI बैंक लिमिटेड | मुंबई |
| 4 | कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड | मुंबई |
| 5 | यस बैंक लिमिटेड | मुंबई |
| 6 | इंडसइंड बैंक लिमिटेड | मुंबई |
| 7 | फेडरल बैंक लिमिटेड | कोच्चि, केरल |
| 8 | जम्मू एंड कश्मीर बैंक लिमिटेड | श्रीनगर |
| 9 | साउथ इंडियन बैंक लिमिटेड | त्रिशूर, केरल |
| 10 | करूर वैश्य बैंक लिमिटेड | करूर, तमिलनाडु |
आज, आधुनिक प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में कई बड़े संस्थान हैं जो ग्राहकों पर केंद्रित तरीकों से देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हैं।
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