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JP Associates के सीमेंट प्लांट अदाणी से खरीदने वाली Dalmia Bharat को बड़ी राहत, करोड़ों की होगी बचत

Published: Tue, 25 Aug 2026 04:42 PM (IST)

केंद्र सरकार के माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट एक्ट, 2026 के तहत डालमिया भारत लिमिटेड को बड़ी राहत ...और पढ़ें

डालमिया भारत को मिली बड़ी राहत, मिनरल टैक्स से छूट से होगी करोड़ों की बचत

डालमिया भारत को मिली बड़ी राहत, मिनरल टैक्स से छूट से होगी करोड़ों की बचत

HighLights

  1. केंद्र सरकार ने MMDR एक्ट, 2026 में संशोधन किया।

  2. राज्यों के मिनरल टैक्स लगाने की शक्ति कम हुई।

  3. डालमिया भारत को करोड़ों की टैक्स बचत होगी।

नई दिल्ली। अदाणी से जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सीमेंट प्लांट खरीदने वाली कंपनी डालमिया (Dalmia Bharat Limited) पर बड़ी खबर आई है। देश की प्रमुख सीमेंट निर्माता कंपनी, डालमिया भारत लिमिटेड को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार की तरफ से माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट एक्ट, 2026 की सूचना जारी होने के बाद, कंपनी को अब कई राज्यों की तरफ से लगाए जाने वाले मिनरल टैक्स और सेस से छूट मिल गई है।

डालमिया सीमेंट से जुड़ा पूरा मामला क्या है?

डालमिया भारत की ओर से NSE को दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने 22 अगस्त, 2026 को MMDR एक्ट, 1957 में संशोधन किया। इस नए संशोधन के तहत, मिनरल राइट्स या मिनरल वाली जमीनों पर टैक्स, सेस और अन्य शुल्क लगाने की राज्य सरकारों की शक्तियों को कम कर दिया गया है।

इस बदलाव का सीधा असर डालमिया भारत और उसकी सहायक कंपनियों पर पड़ेगा। कंपनी ने साफ़ किया है कि 22 अगस्त, 2026 से उसे 'मिनरल बेयरिंग लैंड टैक्स' या 'मिनरल सेस' नहीं देना होगा।

डालमिया भारत अलग-अलग राज्यों में लाइमस्टोन माइनिंग पर भारी टैक्स चुकाती रही है।

  • तमिलनाडु खनिज-युक्त भूमि पर टैक्स ₹160
  • असम खनिज-युक्त भूमि पर टैक्स ₹10
  • मेघालय खनिज सेस ₹60

डालमिया भारत की करोड़ों की बचत का अनुमान

डालमिया भारत ने बताया है कि उसने 2025-26 (FY26) फाइनेंशियल ईयर के दौरान इन टैक्स के तौर पर कुल ₹127 करोड़ का भुगतान किया था। वहीं, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY27) में वह पहले ही ₹38 करोड़ जमा कर चुकी है। नए कानून के लागू होने से कंपनी भविष्य में इतनी बड़ी रकम बचा पाएगी, जिससे उसके मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

पहले किए गए पेमेंट का क्या होगा?

2026 के अमेंडमेंट एक्ट में यह भी कहा गया है कि इस कानून के लागू होने से पहले राज्य द्वारा इकट्ठा न किया गया कोई भी टैक्स या लेवी अब 'अमान्य' माना जाएगा। हालांकि, कंपनी द्वारा पहले ही जमा की गई या पहले ही इकट्ठा की गई रकम वापस नहीं की जाएगी।

यह भी पढ़ें: MP-UP के JP Associates सीमेंट प्लांट अदाणी से खरीदने वाली डालमिया पर नया अपडेट, ब्रोकरेज ने क्या कहा?

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)