सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Waaree Energies ने दिया बड़ा अपडेट, बंद नहीं हुआ नवासारी सोलर सेल प्लांट; GPCB के फैसले से जुड़ी जानकारी दी

Published: Fri, 30 Oct 2026 11:47 AM (IST)

वारी एनर्जीज के नवसारी स्थित सोलर सेल प्लांट को बंद करने का GPCB का आदेश 6 महीने के लिए बढ़ा ...और पढ़ें

फाइल फोटो

फाइल फोटो

HighLights

  1. GPCB ने वारी एनर्जीज प्लांट बंद करने का आदेश बढ़ाया।

  2. नवसारी सोलर सेल प्लांट को दिसंबर 2026 तक राहत मिली।

  3. कंपनी ने स्थायी रद्द करने के लिए आवेदन किया है।

नई दिल्ली। सोलर सेक्टर में कामकाज करने वाली दिग्गज कंपनी वारी एनर्जीज (Waaree Energies) ने गुजरात स्थित एक प्लांट को बंद करने आदेश के संबंध में जानकारी दी है। दरअसल, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) द्वारा फरवरी 2026 में कंपनी के नवसारी स्थित सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को बंद करने का आदेश दिया था

लेकिन 17 जून 2026 के नए आदेश के तहत, GPCB ने इस रोक को 6 महीने (दिसंबर 2026 तक) के लिए और बढ़ा दिया है, बशर्ते कंपनी सभी पर्यावरण नियमों (CCA) का पालन करती रहे। अब कंपनी ने बताया कि इस क्लोजर आदेश को स्थायी रूप से रद्द करने के लिए आवेदन किया हुआ है, जिस पर GPCB का फैसला आना अभी बाकी है।

कहां है स्थित है यह प्लांट?

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यूनिट हेड - नवसारी ने, जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33A के तहत, 28 जनवरी 2026 को एक 'क्लोज़र डायरेक्शन' (बंद करने का निर्देश) जारी किया था। यह निर्देश गुजरात के नवसारी जिले की चिखली तालुका के देगम गांव में स्थित कंपनी की सोलर सेल निर्माण इकाई ("सुविधा") के संबंध में है। 

निरीक्षण के बाद आदेश

GPCB ने 6 जनवरी 2026 को प्लांट का निरीक्षण किया था और जल प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के कारण 28 जनवरी 2026 को प्लांट की विनिर्माण गतिविधियां और संचालन बंद करने का आदेश जारी किया था, जिसे 15 दिनों के भीतर लागू होना था। इस निरीक्षण में GPCB ने पाया कि 'जल अधिनियम' तथा 'समेकित सहमति और प्राधिकरण' ("CCA") की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा था।

कंपनी ने सुधारात्मक उपाय किए, साथ ही ₹9,00,000 का अंतरिम 'पर्यावरण क्षति मुआवजा' (EDC) भी चुकाया और कुल ₹8,00,000 की बैंक गारंटी दी। 11 फरवरी 2026 के आदेश द्वारा, GPCB ने 'क्लोज़र डायरेक्शन' (बंद करने के निर्देश) को तीन महीने की अवधि के लिए रद्द कर दिया, जबकि यह निर्देश अभी लागू भी नहीं हुआ था। कंपनी ने कहा कि यह 'क्लोज़र डायरेक्शन' कभी लागू नहीं हुआ और सुविधा केंद्र (फैसिलिटी) की बिजली या पानी की आपूर्ति नहीं काटी गई।

ये भी पढ़ें - वित्त मंत्रालय का आउटलुक: महंगाई बनी चुनौती, लेकिन दूसरी तिमाही में 7.35% GDP ग्रोथ का अनुमान

26 मई 2026 को एक और निरीक्षण के बाद, GPCB ने 17 जून 2026 के अपने आदेश से, इस निर्देश के रद्द रहने की अवधि को छह महीने और बढ़ा दिया। स्थायी रूप से इस निर्देश को रद्द कराने के लिए कंपनी ने 8 मई 2026 को एक आवेदन दिया था, जो अभी GPCB के पास लंबित है। फिलहाल, EDC और बैंक गारंटी को छोड़कर, कंपनी की वित्तीय स्थिति या कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।