लंदन, प्रेट्र। माइनिंग क्षेत्र के दिग्गज समूह वेदांता रिसोर्सेज ने कहा है कि उसके शेयरधारकों ने वेदांता लि. और केयर्न इंडिया के विलय को मंजूरी दे दी है।

कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में जानकारी दी है कि वेदांता रिसोर्सेज की घोषणा के अनुसार कंपनी की मंगलवार को हुई आम बैठक में विलय के संबंध में प्रस्ताव पेश किया गया और मतदान में इसे मंजूरी दे दी गई।

इससे अरबपति अप्रवासी भारतीय अनिल अग्रवाल का समूह भारी नकदी पर बैठी केयर्न इंडिया का अपनी कर्ज में फंसी कंपनी में विलय कराने के लिए एक कदम और आगे बढ़ गया है। हालांकि अग्रवाल की असली परीक्षा 12 सितंबर को होगी जब केयर्न इंडिया संरक्षक कंपनी यानी वेदांता रिसोर्सेज में अपने विलय केप्रस्ताव के लिए अपने शेयरधारकों से मंजूरी लेगी। वेदांता द्वारा प्रस्तुत संशोधित ऑल-शेयर डील के तहत यह विलय होना है। इसके अतिरिक्त वेदांता लि. भी आठ सितंबर को अपने शेयरधारकों, सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड कर्जदारों से विलय के लिए मंजूरी लेने के लिए बैठक बुलाएगी।

पढ़ेंः क्या है एयरसेल-मैक्सिस विवाद? जानिए इसके बारे में

कॉपर माइनिंग के लिए वेदांता को मिला वित्तीय पैकेज

मुंबई। तस्मानिया ने वेदांता रिसोर्सेज को 2017 तक कॉपर खदान दुबारा शुरू करने के लिए 2.5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के वित्तीय पैकेज की पेशकश की है। यह जानकारी तस्मानिया के प्रीमियर विल होजमैन ने दी है। तस्मानिया ऑस्ट्रेलिया का ही एक प्रांत है। विल होजमैन व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के दौरे पर आये हैं। उन्होंने यहां बताया कि इस खदान में उत्पादन अभी बंद है। हमें उम्मीद है कि वित्तीय पैकेज और टैक्स में रियायतें देने की वजह से इसमें उत्पादन 2017 तक शुरू हो जाएगा। हमने वेदांता को वित्तीय पैकेज की पेशकश की है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप