नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत और अमेरिका के बीच कारोबार से जुड़े तनावपूर्ण मुद्दों का समाधान निकालने को लेकर बातचीत का दौर शुरू हो गया है। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के दो वरिष्ठ अधिकारी बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे और गुरुवार को भारत के वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के संयुक्त दल से उनका अनौपचारिक विमर्श शुरू हो गया। शुक्रवार को औपचारिक तौर पर दोनो पक्षों के बीच बातचीत होगी। जो संकेत सामने आ रहे हैं, उसके मुताबिक इन दो दिनों की बैठक में सीमा शुल्क घटाने या भारत की नई ई-कॉमर्स नीति को लेकर फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचना मुश्किल है। अमेरिकी दल का नेतृत्व अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) क्रिस्टोफर विल्सन कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के मुताबिक ओसाका (जापान) में पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात में ही यह तय हुआ था कि कारोबार से जुड़े मुद्दों का हल निकालने के लिए दोनो देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर शुरू किया जाएगा। जिन मुद्दों पर दोनो देशों के बीच मतभेद है, वह सभी को पता है। भारत इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत चाहता है ताकि सर्वमान्य हल निकाला जा सके। भारत व अमेरिका के बीच किसी भी मुद्दे पर बातचीत रिश्तों की बड़ी तस्वीर को ध्यान में रख कर ही की जाएगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की उम्मीदों के बावजूद जानकारों का मानना है कि अभी किसी सर्वमान्य हल का निकलना मुश्किल है। खासतौर पर जिस तरह से राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी मोटरसाइकिलों, चिकित्सा उपकरणों आदि के लिए भारत में लगाये जाने वाले शुल्कों में कटौती की मांग कर रहे हैं, उसे भारत मौजूदा हालात में स्वीकार नहीं करने वाला है। इसी तरह से डाटा लोकलाइजेशन को लेकर भारत जितना आगे बढ़ चुका है, उस पर अमेरिकी दबाव का असर होने की संभावना फिलहाल नही दिखती। इन दोनों मुद्दों के अलावा अमेरिका में काम करने वाले भारतीय आइटी प्रोफेशनल का मुद्दा भी अहम है, जिसको लेकर काफी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

जानकारों के मुताबिक इन दो दिनों की मुलाकात से आने वाले दिनों में दोनों देशों के व्यापार मंत्रियों के स्तर पर होने वाली बातचीत का रोडमैप तैयार हो सकेगा। अमेरिकी दल के भारत पहुंचने से ठीक पहले ट्रंप ने भारत द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क को लेकर दोबारा तल्ख ट्वीट किया था। पिछले महीने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात से ठीक पहले भी उन्होंने ऐसा ही ट्वीट किया था।

Posted By: Pawan Jayaswal