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US Fed Rate Decision: अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेड ने नहीं बढ़ाईं ब्याज दरें, 3.75%-4% पर रखा बरकरार

Published: Wed, 28 Oct 2026 11:40 PM (IST)Updated: Wed, 28 Oct 2026 11:49 PM (IST)

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 3.75%-4% पर बरकरार रखा है, जिससे सितंबर में हुई बढ़ोतरी के बाद कोई बदलाव नहीं आया।

US Fed Rate Decision

US Fed Rate Decision

HighLights

  1. फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 3.75%-4% पर बरकरार रखीं।

  2. सितंबर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद स्थिरता।

  3. भारतीय शेयर बाजार पर फैसले का असर देखने को मिलेगा।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। US Fed Rate Decision: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों पर फैसला लेते हुए उन्हें मौजूदा स्तर पर बरकरार रखा है। सितंबर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद, बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.75%-4% की सीमा में ही बरकरार रखा। इस फैसले के बाद अब वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार की प्रतिक्रिया पर निवेशकों की नजर रहेगी।

बाजार को इस कदम की पहले से ही काफी उम्मीद थी। फेडरल ओपन मार्केट कमिटी के दो सदस्यों ने इस फैसले से असहमति जताई। 

2 सदस्यों चाहते थे बढ़ोतरी

फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75%-4.00% पर बनाए रखने के लिए 10-2 से मतदान किया। गवर्नर लिसा कुक और क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक ने असहमति जताई और वे ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के पक्ष में थीं। यह मतभेद दिखाता है कि लगातार बनी हुई महंगाई से निपटने के सही तरीके को लेकर नीति-निर्माताओं के बीच अलग-अलग राय है।

इस बहुप्रतीक्षित फैसले के बाद, अब बाजार का ध्यान फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की टिप्पणी और दिसंबर में एक और बार ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना पर केंद्रित हो गया है।

फेड ने अर्थव्यवस्था के अपने आकलन को बेहतर करते हुए इसे 'ठोस' (solid) विस्तार से बढ़ाकर 'मजबूत' (strong) करार दिया है। साथ ही, निवेश को भी मजबूत माना गया है और नौकरियों में हो रही वृद्धि, कार्यबल (workforce) में हो रहे इजाफे के साथ कदम मिलाकर चल रही है।

फेड ने माना महंगाई है ज्यादा

फेडरल रिजर्व ने माना कि महंगाई का स्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है और उसने कीमतों में स्थिरता लाने के अपने संकल्प को दोहराया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि आने वाले आर्थिक आंकड़े यह तय करने में मदद करेंगे कि महंगाई को समय रहते 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए मौद्रिक नीति का रुख क्या होना चाहिए।

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