UPI लेनदेन में रिकॉर्ड उछाल, छह महीने में 145 अरब के पार
डिजिटल पेमेंट के लोकप्रिय माध्यम यूपीआई के जरिये लेनदेन चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 27% बढ़कर 145 अरब ...और पढ़ें

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यूपीआई लेनदेन 27% बढ़ा।
HighLights
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यूपीआई लेनदेन 27% बढ़ा।
कुल लेनदेन ₹177 लाख करोड़, पिछले साल से 20% अधिक।
15 अक्टूबर से ₹2000+ मर्चेंट भुगतान पर 0.4% एमडीआर लागू।
एजेंसी, नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट के सबसे लोकप्रिय माध्यम यूपीआइ के जरिये लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के बीच यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआइ) के जरिये लेनदेन की संख्या में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 145 अरब हो गई।
नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआइ) के डाटा के अनुसार पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह संख्या 114 अरब थी। अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान यूपीआइ से कुल ₹177 लाख करोड़ के लेनदेन हुए। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹148 लाख करोड़ से करीब 20 प्रतिशत अधिक है।
सितंबर में गिरावट
हालांकि सितंबर में यूपीआइ लेनदेन की संख्या 1.7 प्रतिशत घटकर 24.07 अरब रही, जबकि अगस्त में यह 24.5 अरब थी। लेनदेन की कुल रकम भी 1.5 प्रतिशत घटकर ₹29.37 लाख करोड़ रही, जो अगस्त में ₹29.82 लाख करोड़ थी।
यह डाटा ऐसे समय में आया है जब 15 अक्टूबर से ₹दो हजार रुपये से ज्यादा के यूपीआइ मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगने वाला है। यह शुल्क ग्राहकों पर नहीं, दुकानदारों पर लगाया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान पर रकम कितनी भी हो, कोई शुल्क नहीं लगेगा।
एमडीआर से मिलने वाली राशि में 40 प्रतिशत ग्राहक के बैंक, 30 प्रतिशत पेमेंट गेटवे, 20 प्रतिशत यूपीआइ एप और 10 प्रतिशत एप के प्रायोजक बैंक को मिलेगा। गौरतलब है कि यूपीआइ 11 देशों में स्वीकार किया जाता है। इनमें सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मारीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया, ग्रीस और हाल में जुड़ा उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
