UPI पेमेंट्स पर लगेगा 18% GST? पहले MDR फिर जीएसटी; ₹2000 से ज्यादा ट्रांजैक्शन के बदलेंगे नियम; कितना बढे़गा बोझ
UPI पेमेंट्स पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर 18% GST लगाने की तैयारी है, जिस पर GST काउंसिल की अगली बैठक में फैसला होगा।

UPI पेमेंट्स पर लगेगा 18% GST? (ai photo)
HighLights
UPI MDR पर 18% GST लगाने की तैयारी।
GST काउंसिल की बैठक में होगा अंतिम फैसला।
₹2000 से अधिक UPI पर 0.4% MDR 15 अक्टूबर से।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: देश भर में करोड़ों लोग हर दिन चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल्स तक UPI (Unified Payments Interface) के जरिए पेमेंट करते हैं। लेकिन अब UPI पेमेंट्स से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेमेंट एग्रीगेटर्स (Payment Aggregators) द्वारा मर्चेंट्स (व्यापारियों) से ली जाने वाली फीस पर 18% GST (Goods and Services Tax) लगाने की तैयारी चल रही है। आगामी GST काउंसिल की बैठक में इस अहम प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाले MDR (मर्चेन्ट डिस्काउंट रेट) पर GST लगेगा या नहीं, इस संबंध में जल्द ही फैसला होने वाला है। सरकारी सुत्रों के मुताबिक GST काउंसिल, यूपीआई ट्रांजैक्शन के एमडीआर के ऊपर जीएसटी लगाने के संबंध में फैसला करेगी। सरकारी सुत्रों ने कहा है कि सेवाओं पर GST लगता है और इस बारे में फैसला केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली GST Council करती है, जिसमें राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होते हैं। इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि , ''हमें उम्मीद है कि उपभोक्ताओं के व्यापक हित में जीएसटी काउंसिल यूपीआई लेनदेन पर व्यापारियों पर लगने वाले शुल्क पर 18% जीएसटी पर विचार करेगी। बीमा प्रीमियम के मामले में ऐसा किया जा चुका है।''
कब होगी अगली बैठक?
बता दें कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 7 अक्टूबर को प्रस्तावित की गई है। सूत्रों के द्वारा यह भी संकेत दिया गया है कि अगली बैठक में काउंसिल का मुख्य जोर प्रक्रिया सुधार और उसे सरल बनाने पर जरूर रहेगा।
15 अक्टूबर से लगेगा MDR
सरकार ने 15 अक्टूबर से कारोबारियों को किए जाने वाले ₹2000 से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4% MDR लागू किया है। वहीं, 75,000 रुपये या इससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये होगा। हालांकि, पर्सन-टू-पर्सन लेनदेन और छोटे भुगतान को शुल्क से बाहर रखा गया है। MDR यानी मर्चेंज डिस्काउंट रेट एक तरह की बैक-एंड फीस है, जिसे कारोबारियों को वहन करना होता है। यह रकम बैंक ट्रांजैक्शन सेटलमेंट के दौरान अपने आप काट लेता है।
18% GST पूरे पेमेंट पर लगेगा?
सबसे अहम बात यह है कि 18% GST ₹2000 या उससे ज्यादा के पूरे UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा। GST सिर्फ MDR की रकम पर लगेगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक 10 हजार रुपए का UPI पेमेंट करता है तो 0.4% MDR के हिसाब से कारोबारी से 40 रुपए MDR लिया जाएगा। इस 40 रुपए पर 18% GST यानी 7.20 रुपए लगेगा। इस तरह कारोबारी की कुल लागत 47.20 रुपए होगी।
