UP के कानपुर के वो 5 ब्रांड जो भारत समेत दुनिया में मचा रहे तहलका, घर-घर में बोलता है इनका जादू; देखें लिस्ट
कानपुर के 5 प्रमुख ब्रांड्स ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। घड़ी डिटर्जेंट, रेड टेप, दैनिक ...और पढ़ें

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कानपुर के 5 ब्रांड्स ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
घड़ी डिटर्जेंट, रेड टेप, दैनिक जागरण, जेके सीमेंट प्रमुख ब्रांड हैं।
इन ब्रांड्स ने स्थानीय शुरुआत से वैश्विक सफलता हासिल की है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। UP Kanpur Top 5 Brands: किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में वहां के बिजनेस का बहुत ही बड़ा रोल होता है। जब भी किसी देश का ब्रांड वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान बनाता है तो वह ब्रांड कहीं न कहीं अपने देश, राज्य या फिर जिले की आर्थिक नींव को मजबूत कर रहा होता है। कुछ ऐसा ही किया है उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के टॉप 5 ब्रांड्स ने।
उत्तर प्रदेश का कानपुर सिर्फ उद्योगों और चमड़े के कारोबार के लिए ही नहीं जाना जाता। इस शहर ने ऐसे कई बड़े ब्रांड भी दिए हैं, जिनकी पहचान आज देश के अलग-अलग हिस्सों में है और कुछ कंपनियां विदेशों तक अपना कारोबार पहुंचा चुकी हैं।
कानपुर की मेहनत, कारोबार की समझ और लगातार आगे बढ़ने की सोच ने इन कंपनियों को बड़ा मुकाम दिलाया। आज इनमें से कुछ नाम भारतीय घरों में रोजमर्रा के इस्तेमाल का हिस्सा बन चुके हैं, जबकि कुछ ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी जगह बनाई है। आज हम आपको कानपुर के ऐसे ही 5 ब्रांड्स के बारे में बताएंगे जिन्होंने बिजनेस की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
कानपुर के 5 बड़े ब्रांड्स जो मचा रहे हैं तहलका
- घड़ी डिटर्जेंट
- दैनिक जागरण
- रेड टेप
- जेके सीमेंट
- कमला पसंद
घड़ी डिटर्जेंट
घड़ी डिटर्जेंट की कहानी कानपुर से जुड़ी उन कारोबारी कहानियों में शामिल है, जिसमें छोटे स्तर से शुरुआत करके बड़े बाजार तक पहुंच बनाई गई। वर्ष 1987 में मुरलीधर और बिमल ज्ञानचंदानी ने एक छोटे कमरे से साबुन बनाने का काम शुरू किया था।
शुरुआती दिनों में तैयार सामान को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए पैदल और साइकिल का सहारा लिया जाता था। धीरे-धीरे लोगों के बीच उत्पाद की पहचान बढ़ी और कारोबार का विस्तार होता गया।
बाद में घड़ी डिटर्जेंट ने FMCG बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसका चर्चित स्लोगन 'पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें' लंबे समय तक ग्राहकों के बीच इसकी पहचान बना रहा। आज RSPL Group कई तरह के उत्पादों के कारोबार से जुड़ा हुआ है।
रेड टेप । Red Tape
कानपुर का चमड़ा उद्योग दशकों से देश और विदेश में अपनी पहचान रखता है। इसी औद्योगिक माहौल से निकला Red Tape भी आज फुटवियर और फैशन से जुड़े प्रमुख ब्रांड्स में गिना जाता है।
इसकी जड़ें मिर्जा परिवार के कारोबार से जुड़ी हैं। वर्ष 1976 में शुरू हुए पारिवारिक टेनरी कारोबार ने आगे चलकर बड़े व्यवसाय का रूप लिया। वर्ष 1996 में राशिद अहमद और तौसीफ मिर्जा ने Red Tape को एक ब्रांड के तौर पर आगे बढ़ाया।
कानपुर के चमड़ा कारोबार से निकला यह ब्रांड धीरे-धीरे भारतीय बाजार से बाहर भी पहुंचा। आज इसके उत्पाद कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध हैं। इस तरह कानपुर की लेदर इंडस्ट्री की पहचान को Red Tape ने एक नए ब्रांड नाम के साथ आगे बढ़ाया।
दैनिक जागरण । Jagran Prakashan Limited
दैनिक जागरण भारत का सबसे बड़े समाचार पत्रों में से एक है। हिंदी भाषी क्षेत्र में इसकी अलग ही धमक है। दैनिक जागरण की शुरुआत सबसे पहले 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान झांसी में पूरन चंद्र गुप्ता ने की थी। इसके बाद 21 सितंबर, 1947 को कानपुर में एक नए संस्करण के साथ पुनः लॉन्च और विस्तारित किया गया, बाद में इसे दैनिक जागरण नाम दिया गया। पूरन चंद्र गुप्ता पहले इसे लखनऊ से शुरू करना चाहते थे लेकिन उन्हें पता चला कि वहाँ पहले से ही उनके कॉम्पिटिटर मौजूद थे। उन्होंने अपनी मशीनरी, प्लान और इरादों का रुख सीधे कानपुर की ओर मोड़ लिया। इसी एक बड़े फैसले से 'दैनिक जागरण' का जन्म हुआ।
जेके सीमेंट । JK Cement
कानपुर से जुड़े बड़े कारोबारी नामों में JK Organisation का भी महत्वपूर्ण स्थान है। इसके संस्थापक परिवार से जुड़े लाला कमलापत सिंघानिया ने कानपुर को औद्योगिक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
JK Cement की व्यावसायिक यात्रा आगे बढ़ते हुए राजस्थान तक पहुंची। वर्ष 1975 में राजस्थान में इसकी पहली सीमेंट यूनिट की नींव रखी गई। इसके बाद कंपनी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अपना उत्पादन और कारोबार बढ़ाया।
आज JK Cement की मौजूदगी भारत के कई राज्यों के साथ-साथ UAE में भी है। कानपुर से जुड़ी कारोबारी विरासत का यह एक उदाहरण है कि कैसे स्थानीय स्तर से शुरू हुई औद्योगिक सोच ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कारोबार का रूप लिया।
कमला पसंद । Kamla Pasand
Kamla Pasand की कहानी भी कानपुर की जमीन से शुरू होने वाले उन कारोबारों में शामिल है, जिन्होंने समय के साथ बड़ा ब्रांड बनाया। इसकी शुरुआत पीली खाना इलाके में एक छोटी सी दुकान से बताई जाती है।
कमला कांत चौरसिया ने यहां छोटे स्तर पर पान मसाला बेचने का काम शुरू किया था। शुरुआत में कारोबार सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे उत्पाद की पहुंच बढ़ती गई और कंपनी ने अपना नेटवर्क मजबूत किया।
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