नई दिल्ली (पीटीआई)। निवेश को बढ़ावा देकर और लोगों की जीवनशैली में सुधार कर भाजपा अगले दो दशकों तक 8 फीसद की जीडीपी ग्रोथ बरकरार रख सकती है। यह अनुमान यूएन इकोनॉमिक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने लगाया है।

भारत की आर्थिक स्थिति को काफी हद तक सकारात्मक और "विकास के लिए अनुकूल" बताते हुए संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक मामलों के अधिकारी, सेबेस्टियन वर्गारा ने कहा कि भारत को अपनी क्षमता हासिल करने के लिए अगले दौर के सुधार कार्यक्रमों पर गौर करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “यह सोचने वाली बात है कि कैसे अपनी ग्रोथ को बढ़ाया और लंबे समय तक बरकरार रखा जाए। हमारे मूल्यांकन में भारत में आठ फीसद की बढ़ोतरी की संभावना है, न सिर्फ कुछ सालों के लिए बल्कि अगले 20 सालों के लिए। भारत को अब अगले दौर के सुधार कार्यक्रम पेश करने की जरूरत है। उदाहरण के लिए, निवेश को बढ़ावा देना और लोगों की जीवन शैली में सुधार करना।”

सकारात्मक आर्थिक स्थिति के बावजूद, वर्गारा ने कहा कि पहले के कुछ पूर्वानुमानों की तुलना में भारत का आर्थिक विकास थोड़ा कम हो सकता है। यूएन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि साल 2018 में भारत की विकास दर 7.2 फीसद और साल 2019 में 7.4 फीसद होगी। बीते हफ्ते जारी हुई वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन प्रॉस्पैक्ट्स रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2017 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.7 फीसद अनुमानित है।

वर्गारा ने यह बताते हुए कि कई कारकों ने भारत की "सकारात्मक" आर्थिक स्थितियों का नेतृत्व किया है कहा, “यह निजी खपत और तेज व्यापक आर्थिक नीतियों का विकास है। मौद्रिक नीति, जो कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सक्षम रही है की भूमिका भी अहम रही है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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