मुंबई, पीटीआइ। पब्लिक सेक्टर के यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (UBI) ने भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को 'विलफुल डिफॉल्टर' घोषित किया है। चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स को भी जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाली बताया गया है। बैंक ने इस बारे में पब्लिक नोटिस जारी किया है। बैंक ने चोकसी और गीतांजलि जेम्स को 332 करोड़ रुपये की बकाया राशि के भुगतान का नोटिस भी भेजा है। इससे पहले फरवरी, 2018 में एक अन्य पब्लिक सेक्टर बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हजारों करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड का मामला सामने आया था। 

हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा चोकसी ने पीएनबी के साथ धोखाधड़ी की थी। दोनों ने पीएनबी की दक्षिण मुंबई की ब्रैडी हाउस ब्रांच के जरिये बैंक के साथ 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की थी। इस मामले के सामने आने के बाद पंजाब नेशनल बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी।

यूनाइटेड बैंक की ओर से जारी पब्लिक नोटिस के मुताबिक बैंक ने कंपनी और चोकसी को अप्रैल-जून तिमाही से विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया है। खबरों के मुताबिक यूबीआई ने चोकसी की कंपनी को कर्ज चुकाने के लिए कई दफा नोटिस भेजा था। बैंक ने नोटिस के बावजूद कर्ज का भुगतान नहीं करने पर चोकसी एवं गीतांजलि जेम्स के खिलफ यह कदम उठाया है। 

बैंक ने चोकसी के अलावा उसकी पत्नी प्रीति चोकसी और गीतांजलि जेम्स के निदेशकों के खिलाफ भी नोटिस जारी किया है। यूनाइटेड बैंक ने ज्वेलरी मैन्यूफैक्चरिंग एवं एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी को 331.85 करोड़ रुपये की ऋण की सीमा मंजूर को मंजूरी दी थी। यूबीआई ने इससे पहले मार्च, 2018 में कंपनी के अकाउंट को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) करार दिया था। 

उल्लेखनीय है कि इसी साल एक अन्य सरकारी बैंक ओरियंटल बैंक आफ कॉमर्स (ओबीसी) भी चोकसी और नीरव मोदी को जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाला घोषित कर चुका है।

Posted By: Ankit Kumar

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