नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। मोबाइल एप्लीकेशन आधारित कैब सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी ऊबर टेक्नोलॉजीज ने प्रारंभिक पब्लिक ऑफर (आइपीओ) के लिए पेपर दाखिल कर दिया है। घटनाक्रम से जुड़े तीन सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। इस नए घटनाक्रम से कंपनी एक अहम पड़ाव के एक कदम और नजदीक पहुंच गई है। उसके आइपीओ पर पूरी सिलिकन वैली (उत्तरी कैलिफोर्निया का वह क्षेत्र जहां अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों के मुख्यालय हैं) की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इसे अमेरिका में टेक्नोलॉजी कंपनियों के सबसे बड़े आइपीओ में एक माना जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि ऊबर ने इस सप्ताह गुरुवार को आइपीओ के लिए पेपर दाखिल किया है। यह दिलचस्प है कि उसी दिन उसकी स्पर्धी कंपनी लिफ्ट इंक ने भी आइपीओ के लिए पेपर दाखिल किया। ऊबर टेक्नोलॉजीज का नवीनतम मूल्यांकन 76 अरब डॉलर (मौजूदा भाव पर लगभग 5.32 लाख करोड़ रुपये) था, जो प्रस्तावित आइपीओ के बाद 120 अरब डॉलर (8.4 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। ऊबर का यह आइपीओ अगले वर्ष आने की उम्मीद है। इसके साथ ही यह भी संभावना जताई जा रही है कि उसके बाद अपार्टमेंट रेंटिंग कंपनी एयरबीएनबी तथा वर्कप्लेस मैसेजिंग कंपनी स्लैक के भी आइपीओ आएंगे। ये दोनों भी सिलिकन वैली की दिग्गज कंपनियों में शामिल हैं।

ऊबर और लिफ्ट द्वारा एक ही दिन आइपीओ के लिए पेपर दाखिल करने के बाद दोनों कंपनियों में स्पर्धा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इस आइपीओ से यह भी पता चल जाएगा कि निवेशक ऊबर के कार्यस्थल पर उपजे विवादों समेत अन्य कानूनी पचड़ों को लेकर कंपनी के प्रति क्या रुख रखते हैं।

Posted By: Praveen Dwivedi

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