सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ट्रंप का 'विस्फोटक' बजट: ईरान जंग के बीच सेना को मिलेंगे ₹125 लाख करोड़, ये सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद सबसे ज्यादा!

Published: Fri, 03 Apr 2026 08:54 PM (IST)

Trump Defence Budget 2026: राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 1.5 ट्रिलियन डॉलर का 'विस्फोटक' रक्षा बजट पेश किया है, जो द्वितीय ...और पढ़ें

अमेरिकी रक्षा बजट: ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच पेश किया $1.5 ट्रिलियन का 'विस्फोटक' प्रस्ताव

अमेरिकी रक्षा बजट: ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच पेश किया $1.5 ट्रिलियन का 'विस्फोटक' प्रस्ताव

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली| दुनियाभर में छिड़े युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी इतिहास का सबसे 'विस्फोटक' रक्षा बजट (Trump Defence Budget 2026) पेश कर सबको हिला दिया है।

व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को अमेरिकी संसद को अगले साल के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 125 लाख करोड़ रुपए) (US Defence Budget 1.5 Trillion) के रक्षा बजट का प्रस्ताव भेजा है। अगर यह पास होता है, तो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी सैन्य खर्च में यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी।

ईरान जंग ने खाली किया खजाना

ट्रंप प्रशासन ने साल 2026 के लिए पेंटागन के बजट में सीधे 42 प्रतिशत की भारी वृद्धि (Trump Pentagon Wish List) की मांग की है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पिछले पांच हफ्तों से ईरान के साथ चल रही भीषण जंग को बताया जा रहा है।

ट्रंप और उनके सलाहकारों का तर्क है कि युद्ध के कारण हथियारों के स्टॉक और सैन्य संसाधन खत्म हो रहे हैं, जिन्हें तुरंत भरना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।

वेलफेयर योजनाओं पर 'कैंची', सेना पर 'पैसा'

ट्रंप का यह बजट प्रस्ताव जितना रक्षा के लिए आक्रामक है, उतना ही घरेलू योजनाओं के लिए सख्त। उन्होंने कांग्रेस से गैर-रक्षा खर्चों में 73 अरब डॉलर (10%) की कटौती करने को कहा है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता 'मिलिट्री प्रोटेक्शन' है, न कि सोशल स्कीमें। एक प्राइवेट लंच के दौरान उन्होंने यहां तक कह दिया,

"हमारे लिए डे-केयर, मेडिकेड और मेडिकेयर जैसी चीजों का बोझ उठाना मुमकिन नहीं है, राज्य इन्हें खुद संभालें।"

व्हाइट हाउस ने उनके इस बयान का वीडियो यूट्यूब पर डाला था, लेकिन विवाद बढ़ता देख उसे बाद में हटा दिया गया।

यह भी पढ़ें- तेल-गैस संकट के बीच भारत को रूस का खुला ऑफर: क्रूड और LNG की सप्लाई बढ़ाने का वादा, दिया 2030 तक का मेगा प्लान!

विपक्ष और अपनी ही पार्टी में विरोध के स्वर

ट्रंप चाहते हैं कि 350 अरब डॉलर का अतिरिक्त फंड उसी विशेष विधायी तरीके से पास हो, जिससे पिछले साल टैक्स कटौती की गई थी। हालांकि, डेमोक्रेट्स और कई रिपब्लिकन सांसद भी इस पर सवाल उठा रहे हैं।

सांसदों का कहना है कि सरकार ईरान युद्ध की सटीक जानकारी नहीं दे रही है, ऐसे में इतना भारी-भरकम बजट पास करना देश के कर्ज को कई ट्रिलियन डॉलर बढ़ा देगा।

पेंटागन इस महीने के अंत में बजट का विस्तृत ब्यौरा जारी करेगा, लेकिन फिलहाल ट्रंप के इस 'विश लिस्ट' ने दुनिया को संकेत दे दिया है कि अमेरिका अब पूरी तरह से 'वॉर मोड' में आ चुका है।