नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। चीन के बाद भारत को दुनिया का दूसरा सोने का बड़ा उपभोक्ता देश माना जाता है। भारतीयों की सोने को खरीदने को लेकर दिलचस्पी किसी से छिपी नहीं है। हमारे देश में सोना खरीदना हर किसी को पसंद है। यहां तक कि शादी-विवाह के मौकों पर अक्सर लोग सोने के आभूषण खरीदते ही हैं। हालांकि बात अगर गोल्ड रिजर्व की करें तो भारत इस मामले में टॉप 10 में भी नहीं आता है। बात हैरान करने वाली जरूर है, लेकिन सच है। हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको यह जानकारी दे रहे हैं कि गोल्ड रिजर्व के मामले में भारत कहां ठहरता है।

प्रमुख गोल्ड कंज्यूमर और गोल्ड होल्डर के बीच 6291 टन का अंतर: चीन और अमेरिका के बीच गोल्ड रिजर्व के पैमाने पर भारी अंतर है। जहां एक ओर चीन जिसे दुनिया का सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता देश माना जाता है उसके पास मात्र 1842.6 टन गोल्ड रिजर्व है वहीं दूसरी तरफ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका के पास 8133.5 टन का गोल्ड रिजर्व है। यानी कि अमेरिका और चीन के गोल्ड रिजर्व में 6291 टन सोने का अंतर है।

कहां ठहरता है भारत?

अगर भारत की बात की जाए तो इस मामले में भारत टॉप 10 में भी नहीं आता है। लंदन आधारित एजेंसी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की मानें तो भारत इस मामले में टॉप 10 में भी नहीं है। भारत का नंबर टर्की के बाद यानी 11वें नंबर पर आता है।

गोल्ड रिजर्व के मामले में टॉप 10 देश: गोल्ड रिजर्व के मामले में अगर टॉप 10 देशों की बात की जाए तो उसमें सबसे पहले अमेरिका का नंबर आता है, जो कि निर्विवादित रूप से नंबर एक पर है। नंबर दो पर जर्मनी है जिसके पास अमेरिका का आधा भी गोल्ड रिजर्व नहीं है। यानी आप नंबर एक और नंबर दो के फासले से समझ सकते हैं कि अमेरिका का गोल्ड रिजर्व कितना बड़ा है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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