नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। दूरसंचार विभाग स्पेक्ट्रम की खरीद-फरोख्त के नियमों को आसान बनाने पर विचार कर रहा है। टेलीकॉम सेक्टर में वित्तीय संकट दूर करने के लिए एक समूह द्वारा सुझाए गए उपायों में से एक यह भी है।

टेलीकॉम सेक्टर की वित्तीय समस्याओं पर विचार करने के लिए अंतर-मंत्रालयी समूह (आइएमजी) बनाया गया था। आइएमजी ने दूरसंचार विभाग को निर्देश दिया कि इसके बारे में वह समुचित स्पष्टीकरण दे सकता है कि स्पेक्ट्रम के व्यापार से मिलने वाले लाभ को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) की गणना के लिए कंपनी के राजस्व में जोड़ा जाएगा।

सिन्हा ने राज्यसभा में बताया कि दूरसंचार आयोग ने विभाग को निर्देश दिया था कि वह गाइडलाइन में संशोधन के बारे में विधिक राय ले सकता है। इसके बाद विधिक राय ली गई और कानून के मुताबिक ट्राई से सिफारिशें ली गईं। फिर यह मामला वित्त मंत्रालय को भेज दिया गया। उससे टिप्पणी मिल गई है। इस समय दूरसंचार विभाग इस पर गौर कर रहा है।

आइएमजी की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम के भुगतान के लिए किस्तें 10 से बढ़ाकर 16 करने का विकल्प कंपनियों को दे दिया है। इससे उन्हें भुगतान करने में आसानी होगी। दूरसंचार विभाग आइएमजी की उस सिफारिश पर काम कर रहा है जिसमें टेलीकॉम कंपनियों को वायरलेस इक्विपमेंट लाइसेंसधारकों को किसी भी सर्किल में ट्रांसफर करने के लिए सिर्फ सूचना देनी होगी।

नई तकनीक से मिली 500 एमबी की डाउनलोड स्पीड: भारती एयरटेल और स्वीडन की कंपनी एरिक्सन ने दावा किया है कि एक नई तकनीक के लाइव ट्रायल के दौरान स्मार्टफोन पर 500 एमबीपीएस की ब्रॉडबैंड डाउनलोन स्पीड मिली है। दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा कि बेस स्टेशन से 180 मीटर की दूरी पर इनडोर माहौल में यह स्पीड हासिल की गई। दोनों कंपनियों ने 4जी नेटवर्क पर लाइसेंस्ड एसिस्टेड एक्सेस (एलएए) तकनीक का देश में पहला ट्रायल संयुक्त रूप से किया।

Posted By: Praveen Dwivedi

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