नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। टाटा सन्स ने कन्फर्म किया है कि उसकी दिलचस्पी निजी क्षेत्र की संकटग्रस्त विमानन कंपनी जेट एयरवेज का अधिग्रहण करने में है। हालांकि उसने कहा कि अभी तक इसके लिए कोई पुख्ता पेशकश नहीं की गई है और अभी इस संबंध में उसकी बातचीत प्रारंभिक अवस्था में ही है।

टाटा समूह जो कि पहले से ही 2 एयरलाइन कंपनियों का परिचालन कर रहा है, फुल सर्विस विस्तारा जो कि सिंगापुर एयरलाइन्स (एसआईए) के साथ एक ज्वाइंट वेंचर है और एयर एशिया इंडिया जिसमें मलयेशिया की एयर एशिया कंपनी भागीदार है। हाल ही में इस तरह की चर्चा थी कि टाटा समूह नरेश गोयल की अगुआई वाले जेट एयरवेज का सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मिलकर पूर्ण अधिग्रहण करने की योजना बना रहा है।

समूह ने शुक्रवार को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक के बाद स्पष्ट किया, "बीते कुछ दिनों इस तरह की अफवाहें तेज हो रही थीं कि टाटा की जेट एयरवेज में दिलचस्पी है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि जेट एयरवेज के अधिग्रहण से संबंध में सिर्फ शुरुआती बातचीत हुई है। लेकिन अभी किसी तरह का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है।" टाटा संस की ओर से यह बयान उसके मुख्यालय में पांच घंटे चली मैराथन बैठक के बाद सामने आया है।

गौरतलब है कि जेट एयरवेज के उप-मुख्य कार्यकारी और मुख्य वित्त अधिकारी अमित अग्रवाल ने इसी सप्ताह इस बात की पुष्टि की थी कि उनकी कंपनी निवेश के इच्छुक कई पक्षों से बातचीत कर रही है।

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Posted By: Praveen Dwivedi