चंद्रशेखरन के इस्तीफे पर टाटा संस में दो-फाड़! क्या बोर्ड बदलवा पाएगा फैसला या चुना जाएगा नया चेयरमैन? आज AGM पर रहेगी नजर
एन चंद्रशेखरन के टाटा संस से इस्तीफा देने के बाद बोर्ड में उनके दोबारा अपॉइंटमेंट पर बहस छिड़ गई है। ...और पढ़ें

चंद्रशेखरन के इस्तीफे पर टाटा संस का बोर्ड बंटा हुआ है
HighLights
एन चंद्रशेखरन के टाटा संस से इस्तीफे पर बोर्ड में बहस
कुछ डायरेक्टर चाहते हैं चंद्रशेखरन अपने फैसले पर पुनर्विचार करें
उत्तराधिकारी खोजने की प्रक्रिया पर अब मुख्य ध्यान केंद्रित
नई दिल्ली। एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस से इस्तीफा दे दिया है। मगर अब रिपोर्ट्स हैं कि कुछ डायरेक्टर इस बात पर बहस कर रहे हैं कि चंद्रशेखरन के दोबारा अपॉइंटमेंट न लेने के फैसले पर बोर्ड को औपचारिक रूप से क्या जवाब देना चाहिए। टाटा संस के डायरेक्टर्स के बीच इस बात पर राय बंटी हुई है कि क्या इस मुद्दे पर बोर्ड मीटिंग में वोटिंग होनी चाहिए, जबकि कुछ डायरेक्टर का मानना है कि बोर्ड को चंद्रशेखरन का फैसला नहीं मानना चाहिए और उनसे इस पर फिर से सोचने के लिए कहना चाहिए।
माना जा रहा है कि टाटा संस के दो मुख्य ट्रस्टी शेयरहोल्डर्स में से एक, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) ने टाटा संस बोर्ड को लेटर लिखकर उनके फैसले पर ध्यान देने और उनके उत्तराधिकारी को चुनने के लिए एक सिलेक्शन कमिटी बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का सुझाव दिया है।
उत्तराधिकारी खोजने पर होगा फोकस
चंद्रशेखरन के दोबारा अपॉइंटमेंट न चाहने के अचानक लिए गए फैसले ने टाटा संस बोर्ड के एक हिस्से को चौंका दिया है और मेन स्टेकहोल्डर्स के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दोबारा अपॉइंटमेंट न लेने का अपना फैसला बता दिया है, इसलिए डायरेक्टर्स की जिम्मेदारी उनका उत्तराधिकारी ढूंढ़ने की योजना पर होगी।
टाटा संस बोर्ड में छह डायरेक्टर शामिल हैं, जिनमें दो ट्रस्ट नॉमिनी और चेयरमैन शामिल हैं।
आज होनी है AGM
इस बीच, टाटा संस की AGM आज 18 अगस्त (मंगलवार) को होनी है, और अधिकारियों ने कहा कि अन्य स्टेकहोल्डर्स ऑनलाइन मीटिंग में शामिल हो सकते हैं, लेकिन सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के SDTT के साथ मिलकर प्रतिनिधि नॉमिनेट न कर पाने के कारण, कोरम (जरूरी संख्या) की कमी की वजह से इसे रद्द कर दिया जाएगा।
अगर दोपहर में होने वाली AGM रद्द हो जाती है, तो यह टाटा संस के इतिहास में पहली बार होगा। इस संकट के बीच, नई दिल्ली में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और एन चंद्रशेखरन की एक कैबिनेट मंत्री के साथ अलग-अलग मुलाकातों को लेकर अटकलें तेज हैं।
इस्तीफे पर वोटिंग हो सकती है?
चंद्रशेखरन के इस्तीफे के प्रस्ताव जैसे मामलों पर बोर्ड-लेवल पर वोटिंग होना असामान्य है। इस साल फरवरी और जून में बोर्ड इस मामले पर वोटिंग के करीब पहुंच गया था। दरअसल SDTT का एक पत्र चंद्रशेखरन को फरवरी 2027 में पद छोड़ने के अपने बयान पर कायम रहने के लिए बाध्य नहीं करता है।
माना जा रहा है कि इस बात की संभावना कम है कि चंद्रशेखरन के फैसले पर वोटिंग होगी, क्योंकि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। उन्हें पुनर्विचार के लिए मनाया या अनुरोध किया जा सकता है, लेकिन ऐसे मामले वोटिंग को कोई विकल्प नहीं माना जा रहा।
