नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। रिलायंस जियो के रुपये के नए पोस्टपेड प्लान से प्रतिस्पर्धी कंपनियों के राजस्व पर असर पड़ने के आसार हैं। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो के कदम के बाद दूरसंचार क्षेत्र में टैरिफ वार शुरू हो सकता है। जेपी मॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रिलायंस जियो के इस कदम से पोस्टपेड क्षेत्र में दरों में कटौती का एक और दौर देखने को मिल सकता है। निश्चित तौर पर इससे अन्य कंपनियों को नुकसान होगा। जियो का पोस्टपेड प्लान प्रतिस्पर्धी कंपनियों की पोस्टपेड दरों से काफी कम है। जियो ने गुरुवार को नए पोस्टपेड प्लान की घोषणा की थी।

199 रुपये मासिक रेंटल वाले इस पोस्टपेड प्लान में ग्राहकों को कोई सिक्योरिटी डिपोजिट नहीं देना होगा। इसमें ग्राहक को मुफ्त वॉइस कॉल और एसएमएस की सुविधा मिलेगी। साथ ही 25 जीबी 4जी डाटा दिया जाएगा। इस प्लान के लिए सबस्क्रिप्शन 15 मई से शुरू होगा। अभी जियो का न्यूनतम रेंटल प्लान 309 रुपये मासिक का है। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय रोमिंग के दौरान आउटगोइंग कॉल की न्यूनतम दर को दो रुपये प्रति मिनट करने का भी एलान किया है। जियो के इस प्लान के बाद अन्य कंपनियों पर भी दबाव बढ़ेगा।

वित्तीय सेवा फर्म गोल्डमैन सैक्श ने कहा, ‘जियो की अंतरराष्ट्रीय कॉल की दरें काफी प्रतिस्पर्धी हैं। इससे अन्य कंपनियों पर भी दरें कम करने का दबाव पड़ेगा। हालांकि बहुत ज्यादा नुकसान का अनुमान नहीं है। अभी कंपनियों को 10-15 फीसद पोस्टपेड राजस्व अंतरराष्ट्रीय कॉल से प्राप्त होता है। इसमें 50 फीसद तक की कमी आने से कंपनियों के कुल राजस्व में दो फीसद से कम का नुकसान होगा।’

सीएलएसए की विश्लेषक दीप्ति चतुर्वेदी और अक्षत अग्रवाल ने कहा कि भारती एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन के उपभोक्ताओं में पोस्टपेड के ग्राहक पांच से छह फीसद हैं। लेकिन इन कंपनियों के मोबाइल राजस्व में इनकी हिस्सेदारी करीब 20 फीसद है।

जियो ने एयरटेल पर लगाया नियम उल्लंघन का आरोप

रिलायंस जियो ने भारती एयरटेल पर लाइसेंस नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। कंपनी का आरोप है कि एयरटेल बिना अनुमति के एप्पल वाच के लिए ई-सिम सेवा मुहैया करा रही है। एयरटेल ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। दूरसंचार विभाग को लिखे पत्र में जियो ने कहा, ‘एप्पल वाच सीरीज 3 के लिए एयरटेल सेवा दे रही है, जो यूनीफाइड लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन है।’ वहीं सुनील मित्तल की अगुआई वाली भारती एयरटेल ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कंपनी ने कहा, ‘यह एक व्याकुल ऑपरेटर की एक और झूठी शिकायत है। यह अपना एकाधिकार चाहता है। हम कानून का पालन करने वाले व जिम्मेदार ऑपरेटर हैं।’

Posted By: Shubham Shankdhar

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