नई दिल्ली, पीटीआइ। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एनएसईएल मामले (NSEL Case) में करीब 100 जिंस ब्रोकरेज कंपनियों (Brokerage Companies) के निदेशकों को समन भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, इनसे 4,205 करोड़ रुपये वसूले जाने हैं। इनमें मोतीलाल ओसवाल कमोडिटीज ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड, आनंद राठी कमोडिटीज, सिस्टमैटिक्स कमोडिटीज, वे2वेल्थ कमोडिटीज, इंडिया इन्फोलाइन कमोडिटीज और प्रोग्रेसिव कॉमट्रेड के निदेशक जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

इन पर आरोप है कि ये बड़े पैमाने पर अपने ग्राहकों के साथ अनियमितताओं और कथित धोखाधड़ी में शामिल थे।इन कंपनियों के निदेशकों को ईओडब्ल्यू के समक्ष उपस्थित होकर अपने सभी ग्राहकों के व्यापार में संशोधन से जुड़े विवरण, ब्रोकर और ग्राहकों के खातों, ग्राहक निपटान खातों के विवरण, बैंक ब्योरा, ब्रोकरेज से हासिल कमाई, ग्राहकों के पैन तथा केवाईसी व अन्य संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ अपने-अपने बयान देने को कहा गया है।

हालांकि, ब्रोकरों ने अपनी तरफ से किसी भी गैरकानूनी गतिविधियों से इन्कार किया है और गड़बड़ी के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) में भुगतान संकट और उसके पूर्व प्रमोटर्स को जिम्मेदार ठहराया है।

ईओडब्ल्यू के पास उपलब्ध विवरण के अनुसार आनंद राठी कमोडिटीज, इंडिया इन्फोलाइन कमोडिटीज, जियोजित कॉमट्रेड, सिस्टमैटिक्स कमोडिटीज और मोतीलाल ओसवाल कमोडिटीज ब्रोकर्स से सबसे अधिक राशि ली जानी है।

Edited By: Pawan Jayaswal