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पगड़ी वाले 'महाराजा' का कमाल: एक भारतीय ने अर्जेंटीना में बनाया मूंगफली का विशाल साम्राज्य; सिमरपाल सिंह की अद्भुत कहानी

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:53 PM (IST)

दुर्गापुर के सिमरपाल सिंह ने अर्जेंटीना में मूंगफली की खेती को बड़े पैमाने पर विकसित कर 'पीनट प्रिंस' का खिताब ...और पढ़ें

अर्जेंटीना में बनाया मूंगफली का विशाल साम्राज्य

अर्जेंटीना में बनाया मूंगफली का विशाल साम्राज्य

HighLights

  1. सिमरपाल सिंह को अर्जेंटीना में 'पीनट प्रिंस' का खिताब मिला

  2. उन्होंने 700 से 39,000 हेक्टेयर तक मूंगफली की खेती बढ़ाई

  3. आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर खेती से वैश्विक पहचान बनाई

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। कभी पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में फुटबॉल और माराडोना के दीवाने रहे एक भारतीय युवक ने हजारों किलोमीटर दूर अर्जेंटीना में ऐसा नाम बनाया कि वहां के लोग उन्हें Peanut Prince of Argentina कहने लगे। उनका नाम है सिमरपाल सिंह। यह कोई शाही परिवार से आने वाले राजकुमार नहीं हैं, बल्कि कृषि की पढ़ाई करने वाले एक भारतीय प्रोफेशनल हैं, जिन्होंने खेती को कारोबार की नई नजर से देखा।
अर्जेंटीना पहुंचकर उन्होंने सिर्फ मूंगफली खरीदने का काम नहीं किया, बल्कि खुद बड़े पैमाने पर खेती शुरू करने का मॉडल खड़ा किया। कुछ ही वर्षों में उनका ऑपरेशन हजारों हेक्टेयर तक पहुंच गया और अर्जेंटीना के पीनट कारोबार में एक बड़ा नाम बन गया।

दुर्गापुर में जन्मे, खेती को बनाया करियर

सिमरपाल सिंह का जन्म पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक सिख परिवार में हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल, दुर्गापुर से हुई। इसके बाद उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से कृषि विज्ञान में B.Sc. की पढ़ाई की और गुजरात के IRMA, आनंद से रूरल मैनेजमेंट की शिक्षा हासिल की।
पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका करियर कृषि और एग्री-बिजनेस से जुड़ गया। उन्होंने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और अमूल में काम किया। इसके बाद सिंगापुर स्थित Olam International से जुड़े और अफ्रीका में काम करते हुए मोजाम्बिक, आइवरी कोस्ट और घाना जैसे देशों का अनुभव हासिल किया।

साल 2005 में पहुंचे अर्जेंटीना

साल 2005 में सिमरपाल सिंह अर्जेंटीना पहुंचे। उस समय उनका मुख्य काम Olam के लिए मूंगफली की खरीद और सप्लाई से जुड़ा था। लेकिन उन्हें जल्द समझ आ गया कि अर्जेंटीना के पीनट बाजार में पुराने खिलाड़ियों और किसानों के मजबूत रिश्तों के कारण बाहर से मूंगफली खरीदना आसान नहीं था।
यहीं उन्होंने पारंपरिक रास्ते से हटकर कंपनी को खुद खेती में उतरने का सुझाव दिया। Olam ने इस प्रयोग को मंजूरी दी और शुरुआत महज 700 हेक्टेयर जमीन लीज पर लेकर हुई। प्रयोग सफल रहा और फिर खेती का दायरा तेजी से बढ़ाया गया।

700 हेक्टेयर से 39 हजार हेक्टेयर तक

सिमरपाल सिंह की सबसे बड़ी उपलब्धि खेती के इसी मॉडल को बड़े पैमाने पर खड़ा करना रही। कुछ वर्षों के भीतर 700 हेक्टेयर का शुरुआती प्रयोग बढ़कर करीब 39,000 हेक्टेयर तक पहुंच गया। मूंगफली के साथ सोयाबीन, मक्का, चावल और दूसरी फसलों को भी कारोबार में शामिल किया गया।
चार प्रोसेसिंग प्लांट तक विकसित हुए और Olam अर्जेंटीना के प्रमुख पीनट कारोबारियों में शामिल हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी का अर्जेंटीना में करीब 40,000 हेक्टेयर फसल क्षेत्र है।

कैसे मिला ‘Peanut Prince’ का खिताब?

सिमरपाल की कामयाबी के साथ अर्जेंटीना में उनकी एक अलग पहचान भी बन गई। वहां सिख समुदाय छोटा था और उनकी पगड़ी लोगों का ध्यान खींचती थी। कुछ अर्जेंटीनी लोगों ने तो उन्हें भारतीय महाराजा समझ लिया। लेकिन “Peanut Prince” नाम उन्हें उनकी खेती की उपलब्धियों की वजह से मिला।
अर्जेंटीना में भारत के राजदूत रहे आर. विश्वनाथन ने उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें “Peanut Prince of Argentina” कहा था।

सिर्फ खेती नहीं, टेक्नोलॉजी भी बनी ताकत

सिमरपाल सिंह की सफलता का राज सिर्फ जमीन का बड़ा क्षेत्र नहीं था। उन्होंने बड़े पैमाने की खेती में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर दिया। सैटेलाइट से खेतों की निगरानी, मिट्टी की जांच, मौसम और पानी के जोखिम का आकलन तथा बेहतर फार्म मैनेजमेंट जैसे तरीकों ने उनके मॉडल को मजबूत बनाया।
उनकी सोच यह रही कि बढ़ती आबादी के दौर में सीमित संसाधनों से ज्यादा और बेहतर उत्पादन कैसे किया जाए। यही वजह है कि उनका नाम अर्जेंटीना के एग्री-बिजनेस सेक्टर में सिर्फ एक भारतीय अधिकारी के तौर पर नहीं, बल्कि खेती को बड़े कारोबारी मॉडल में बदलने वाले लीडर के रूप में सामने आया।

अर्जेंटीना से भारत तक, अब ग्लोबल एग्री-बिजनेस लीडर

अर्जेंटीना में सफलता के बाद सिमरपाल सिंह का करियर वहीं नहीं रुका। भारत लौटने के बाद उन्होंने बड़े अंतरराष्ट्रीय एग्री-बिजनेस संगठनों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने Louis Dreyfus Company में करीब 1 अरब डॉलर के ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभाली, COFCO International India का नेतृत्व किया और 2024 में एग्री-इनोवेशन कंपनी Terviva के COO बने।
इसके अलावा वे स्टार्टअप्स में निवेश और एग्रीकल्चर से जुड़े संस्थानों में भी सक्रिय रहे हैं। यानी दुर्गापुर से शुरू हुई कहानी सिर्फ अर्जेंटीना की मूंगफली तक सीमित नहीं रही। सिमरपाल सिंह ने भारतीय एग्री-प्रोफेशनल के तौर पर ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

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