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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Share Market पर इस सप्ताह ये फैक्टर्स डालेंगे असर, विश्लेषकों ने दी राय

By Lakshya KumarEdited By:
Published: Sun, 06 Feb 2022 11:39 AM (IST)Updated: Mon, 07 Feb 2022 09:40 AM (IST)

Analysts On Share Market factors विश्लेषकों का कहना है कि इस सप्ताह आरबीआई के नीतिगत फैसले बड़ी कंपनियों की तिमाही ...और पढ़ें

Share Market पर इस सप्ताह ये फैक्टर्स डालेंगे असर, विश्लेषकों ने दी राय
Share Market पर इस सप्ताह ये फैक्टर्स डालेंगे असर, विश्लेषकों ने दी राय

नई दिल्ली, पीटीआइ। विश्लेषकों ने कहा कि आरबीआई के नीतिगत फैसले और बड़ी कंपनियों की तिमाही आय जैसे घरेलू कारकों के कारण इस सप्ताह शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि रुपये की चाल, ब्रेंट क्रूड और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च विभाग के वीपी अजीत मिश्रा ने कहा, "महत्वपूर्ण घटनाओं के बीच, प्रतिभागियों की नजर इस सप्ताह एमपीसी की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक पर होगी और इसका परिणाम 9 फरवरी को निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, मैक्रो मोर्चे पर आईआईपी डेटा 11 फरवरी को जारी किया जाएगा।"

मिश्रा ने कहा, "हमारे पास भारती एयरटेल, जिंदल स्टील, एसीसी, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा पावर, हिंडाल्को और एमएंडएम जैसे कुछ बड़े नाम हैं जो कई अन्यों के साथ सप्ताह के दौरान अपनी आय की घोषणा करेंगे।" उन्होंने कहा, "बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और यह निकट भविष्य में भी जारी रह सकता है।" इसके अलावा उन्होंने कहा कि 'आगामी कार्यक्रम यानी एमपीसी की समीक्षा और कमाई का भी इस पर असर पड़ेगा।' टीवीएस मोटर कंपनी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, IRCTC, NMDC और SAIL भी अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगे।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, "इस सप्ताह, घरेलू संकेत हावी होंगे, जहां आरबीआई क्रेडिट नीति एक प्रमुख कारक होगी, जो 9 फरवरी को निर्धारित होनी है। Q3 कमाई सत्र चल रहा है, इसके आंकड़े भी एक और महत्वपूर्ण कारक होंगे। इसके अलावा, आईआईपी डेटा की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी। हालांकि, यह बाजार बंद होने के बाद आएगा।" मीणा ने आगे कहा कि वैश्विक संकेत भी स्पष्ट नहीं हैं, जहां भू-राजनीतिक स्थिति महत्वपूर्ण है जबकि कच्चे तेल का बढ़ना हमारे बाजार के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि FIIs अभी भी बिकवाली के मूड में हैं और उनका व्यवहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "इस हफ्ते, आरबीआई की नीति बैठक घरेलू निवेशकों द्वारा प्रतीक्षित प्रमुख घटना होगी।"

विश्लेषकों ने कहा कि पिछले सप्ताह के शुरुआत के दौरान भारतीय सूचकांकों में तेजी रही क्योंकि बजट बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था। पिछले हफ्ते बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क 1,444.59 अंक यानी 2.52 फीसदी चढ़ा था।

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