नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, सुबह में बाजार में तेजी देखी गई थी लेकिन बंद होने के समय तक बाजार की तेजी बरकरार नहीं रह पाई। सुबह में सेंसेक्स के शुरुआती कारोबार में 100 अंक से अधिक का उछाल देखने को मिला था, लेकिन यह 90.99 अंक (0.16%) टूटकर 57,806.49 पर बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और आईटीसी में दो दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली से बुधवार को इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स में यह गिरावट देखी गई है। वहीं, कारोबारी दिन की शुरुआत में निफ्टी 28.45 अंक (0.17 फीसदी) बढ़कर 17,261.70 पर पहुंच गया था लेकिन यह भी बढ़त जारी नहीं रख सका और 19.65 अंक (-0.11%) टूटकर 17,213.60 बंद हुआ।

सबसे अधिक 1 प्रतिशत से भी ज्यादा की गिरावट एसबीआई में देखी गई। इसके बाद आईटीसी, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, कोटक बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा का स्थान रहा। दूसरी ओर, सन फार्मा, इंडसइंड बैंक, डॉ रेड्डीज और बजाज फिनसर्व लाभ पाने वालों में रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में कमजोरी के रुख के बाद पूरे सत्र के दौरान बाजार में तेजी रही है।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर सरकारों और बाजार की प्रतिक्रिया में दो अलग-अलग रुझान हैं। उन्होंने कहा कहा, "सरकारें, विश्व स्तर पर, सावधानी के साथ प्रतिक्रिया दे रही हैं और कुछ प्रतिबंध लगा रही हैं।

भारत में भी महाराष्ट्र और दिल्ली ने बढ़ते मामलों के संदर्भ में कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। लेकिन, बाजारों ने ओमिक्रॉन वेरिएंट को यह मानते हुए प्रतिक्रिया दी है कि यह महामारी के अंतिम चरण का प्रतीक है।"

उन्होंने आगे कहा, "बाजार के लिए एक मजबूत सकारात्मक बात यह है कि एफआईआई खरीदार बन गए हैं। यह वित्तीय, विशेष रूप से अग्रणी बैंकिंग शेयरों के लिए अच्छा संकेत है, जिनका मूल्यांकन अभी आकर्षक है। कच्चे तेल का बढ़ना एक मैक्रो हेडविंड है।" एशिया की बात करें तो शंघाई, हांगकांग, सियोल और टोक्यो में शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुए।

Edited By: Nitesh