यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sensex-Nifty को लेकर नई भविष्यवाणी, जानिए 2022 में किस शिखर पर पहुंचेगा
Sensex-Nifty के 2022 में प्रदर्शन को लेकर नई भविष्यवाणी हुई है। ब्रोकरेज हाउस एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने घरेलू बाजार का मूल्यांकन ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Sensex-Nifty के 2022 में प्रदर्शन को लेकर नई भविष्यवाणी हुई है। ब्रोकरेज हाउस एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने घरेलू बाजार का मूल्यांकन पहले ही ज्यादा होने का जिक्र करते हुए कहा है कि वर्ष 2022 में बाजार सूचकांक की वृद्धि एकल अंक में ही रह सकती है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मुताबिक, अगले साल के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 62,000 अंक और एनएसई का निफ्टी 18,500-19,000 अंक के स्तर पर रह सकता है। ब्रोकरेज कंपनी का कहना है कि घरेलू बाजार लंबे समय से कीमत और आय के स्तर पर वैश्विक इक्विटी की तुलना में 21 प्रतिशत चढ़कर कारोबार करता रहा है। वहीं उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारतीय बाजार 72 प्रतिशत तक चढ़ा हुआ है। इस तरह यह सबसे महंगा उभरता बाजार है।
हालांकि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के आने के बाद भारतीय बाजार में इस महीने गिरावट का रुख बना हुआ है। बाजार में एक तिहाई हिस्सेदारी रखने वाले विदेशी फंडों ने दिसंबर में अब तक 17,700 करोड़ रुपये की निकासी कर ली है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी धीरज रेल्ली ने कहा कि बाजार के पहले से ही चढ़े होने के कारण वर्ष 2022 में इसकी बढ़ोतरी नरम ही रहने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि सेंसेक्स में इकाई अंक की ही बढ़ोतरी होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, दवा, दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) और उपभोक्ता-केंद्रित ऑनलाइन कंपनियों से बाजार को थोड़ा समर्थन मिलने की उम्मीद है।
दूसरी तरफ फ्रांसीसी ब्रोकरेज फर्म बीएनपी परिबा का मानना है कि मूल्यांकन पर दबाव होने के बावजूद बीएसई सेंसेक्स वर्ष 2022 में चढ़ेगा और अगले साल के अंत तक इसके 62,000 अंक तक पहुंचने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म ने वर्ष 2022 में बीएसई के बारे में कहा कि मध्यम अवधि में मजबूत वृद्धि पूर्वानुमानों से मूल्यांकन को समर्थन मिलना चाहिए। वृहत-आर्थिक पैमानों की स्थिरता से खपत और निवेश बढ़ना चाहिए।
दरअसल बाजार के मूल्यांकन को लेकर ब्रोकरेज फर्मों के बीच मतभेद देखे जा रहे हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में अभी और ऊपर जाने की गुंजाइश है जबकि कुछ विश्लेषक इसे लेकर आशंकित हैं। बीएनपी परिबा के विश्लेषकों ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर के बाद सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तीव्र वृद्धि और आवागमन बहाल होने के साथ रोजगार के कोविड-पूर्व स्तर पर पहुंचने से खपत में खासी तेजी आने की संभावना बनती है। (Pti इनपुट के साथ)
