नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। पूंजी बाजार नियामक सेबी (Sebi) ने गुरुवार को क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए सख्त डिस्क्लोजर नियम जारी किए। नए नियमों के तहत क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को विभिन्न रेटिंग वाले वित्तीय उपकरणों के लिए डिफॉल्ट की संभावना भी बतानी होगी।

नियामक का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है कि हाल में डिफॉल्ट के कई मामले सामने आए हैं। आइएलएंडएफएस जैसे मामलों को देखते हुए संभावित जोखिमों का आकलन करने में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

सकरुलर के मुताबिक सभी रेटिंग एजेंसियां सेबी के साथ परामर्श करके प्रत्येक रेटिंग श्रेणी के लिए मानक और एक समान प्रोबेबिलिटी ऑफ डिफॉल्ट (पीडी) बेंचमार्क तैयार करेंगी और इसे अपने-अपने वेबसाइट पर प्रदर्शित करेंगी। रेटिंग एजेंसियों को अपने-अपने वेबसाइट पर इसे इस साल 31 दिसंबर से पहले डालना होगा। मॉर्निगस्टार इंडिया की सीनियर एनालिस्ट-मैनेजर रिसर्च नेहाल मेश्रम ने कहा कि सेबी के इस कदम से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। 

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Posted By: Sajan Chauhan

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