नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की बैठक में चेयरमैन और एमडी पद अलग-अलग करने का फैसला किया गया है। सेबी के इस फैसले से बीएसई सेंसेक्स की 30 में से 10 कंपनियां प्रभावित होंगी। इसके चलते देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी, भारती एयरटेल के सुनील मित्तल और विप्रो के अजीम प्रेमजी समेत 10 लोगों को अपना एमडी पद छोड़ना पड़ेगा।

नये नियम के मुताबिक अप्रैल 2020 से ये लोग केवल एक ही पद अपने पास रख सकते हैं।

क्या है फैसला-

चेयरमैन और एमडी का पद अलग करने वाला फैसला शुरुआत में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से शीर्ष 500 कंपनियों पर ही लागू होगा और पहली अप्रैल 2020 से प्रभाव में आएगा। इन कंपनियों को पहली अप्रैल 2019 तक निदेशक बोर्ड में कम से कम एक महिला स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति करनी होगी। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों को यह काम पहली अप्रैल 2020 तक कर लेना होगा।

सेंसेक्स की किन कंपनियों पर पड़ेगा असर-

सेबी के फैसले से सेंसेक्स की जिन 10 कंपनियों पर असर पड़ेगा उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, विप्रो, यस बैंक, इंडसइंड बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, ओएमजीसी, एनटीपीसी, पावरग्रिड और कोल इंडिया शामिल है।

यह फैसला उन शीर्ष 500 कंपनियों पर लागू होगा जिनकी मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा होगी।

Posted By: Surbhi Jain