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विनोद अदाणी को सेबी से मिली राहत, शेयरधारिता उल्लंघन के आरोप वापस

By Jagran BusinessEdited By: Ashish Kushwaha
Published: Tue, 29 Sep 2026 07:51 PM (IST)

सेबी ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी के खिलाफ न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता और धोखाधड़ी सहित ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सेबी ने विनोद अदाणी के खिलाफ 11 मामले वापस लिए।

  2. नियामक विदेशी फंडों पर नियंत्रण साबित नहीं कर सका।

  3. न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता उल्लंघन से संबंधित थे आरोप।

एजेंसी, मुंबई| सेबी ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी के खिलाफ न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता और धोखाधड़ी के आरोप सहित 11 दूसरे मामले वापस ले लिए हैं। दरअसल, बाजार नियामक ने यह फैसला तब किया जब वह यह साबित करने में विफल रहा कि गौतम अदाणी के भाई विनोद उन दो विदेशी फंडों को नियंत्रित करते थे, जिन्होंने समूह की चार कंपनियों में निवेश किया था।

81 पेज के अपने अंतिम आदेश में सेबी ने कहा कि जांच यह साबित नहीं कर पाई कि विनोद अदाणी ने दो एफपीआइ (इमर्जिंग इंडिया फोकस फंड्स और ईएम रिसर्जेंट फंड) के निवेश के फैसलों को किसी तरह से प्रभावित किया है। यह फैसला न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता से जुड़ा था, जिसके तहत सूचीबद्ध कंपनियों में कम से कम 25 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी होना जरूरी है।

सेबी ने कहा कि न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता को उल्लंघन तब होगा जब पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास मौजूद शेयर किसी प्रमोटर या प्रमोटर समूह के फायदे वाले मालिकाना हक में हों और उन्हें प्रमोटर होल्डिंग्स के तौर पर गिना जाए। अगर ऐसी स्थिति होती है तो न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता जरूरी सीमा से कम हो जाएगी। आदेश में कहा गया है कि सिर्फ कारोबारी या वित्तीय रिश्तों के आधार पर यह नहीं माना जा सकता है कि विनोद अदाणी का उन पर नियंत्रण था।

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