नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोकने वाले चीन के हालिया कदम से देशभर में गुस्सा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इकोनॉमिक विंग स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि चीन से मोस्ट फेवर्ड नेशन (मुख्य तरजीही राष्ट्र) का दर्जा वापस लिया जाए।

स्वदेशी जागरण मंच ने प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा, "भारत को चीन से मुख्य तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा वापस लेना चाहिए। इसके साथ चीनी प्रोडक्ट्स पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और सभी चीनी आयातों पर शुल्क लगाने की तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।" भारत ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से भी ये दर्जा छीन लिया था।

एसजेएम ने कहा, "यह समय कूटनीतिक और आर्थिक सभी जरूरी उपाय करने का है, ताकि चीन को उसकी गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई के नतीजों से अवगत कराया जा सके।"

एसजेएम के ऑल इंडिया कन्वेनर अश्विनी महाजन ने कहा कि चीन के आयात को कम करने के लिए कुछ बड़ा किए जाने की जरूरत है क्योंकि जैसा कि समूह का शोध बताता है कि कि चीन के आयात पर लागू होने वाला औसत टैरिफ विभिन्न वस्तुओं पर लगने वाले जरूरी टैरिफ दरों से बहुत कम है।

महाजन ने पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में आगे लिखा, "सरकार को चीन से होने वाले आयात को हतोत्साहित करने के लिए चीनी आयातों पर टैरिफ को बढ़ाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है। चीन जो कि पहले से ही आर्थिक तनाव की स्थिति से गुजर रहा है, ऐसे में अमेरिका और चीन के अन्य व्यापार साझादारों की ओर से शुरू की गई ट्रेड वार की स्थिति निश्चित रुप से चीन को यह अहसास कराएगी कि उसने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के विरोध में क्या कदम उठाया है।"

Posted By: Praveen Dwivedi

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