Saudi Arabia Richest Person: सोशल मीडिया से रियल एस्टेट तक बिजनेस, क्राउन प्रिंस ने अपने ही भाई को क्यों किया था अरेस्ट?
सऊदी अरब में अमीरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सबसे अमीर व्यक्ति क्राउन प्रिंस नहीं बल्कि उनके ...और पढ़ें

कौन है सऊदी अरब का सबसे अमीर शख्स?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। सऊदी अरब में अमीरों की संख्या और संपत्ति दोनों ही तेजी से बढ़ रही है। देश की अर्थव्यवस्था का आधार लंबे समय तक तेल रहा है, जिसने बड़ी तादाद में पूंजी बढ़ाई है। अब विजन 2030 के तहत अर्थव्यवस्था में विविधता लाने पर जोर है, जिससे टेक्नोलॉजी, पर्यटन, रियल एस्टेट और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में नए अवसर बने हैं। इससे संभावना है कि और नए-नए अमीर लोग तैयार होंगे। मगर क्या आप जानते हैं कि फिलहाल वहां का सबसे अमीर शख्स कौन है? आइए जानते हैं।
ये है सऊदी अरब का सबसे अमीर शख्स
आप सोच रहे होंगे कि वहां के बादशाह सलमान या क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सबसे अमीर शख्स हैं। मगर ऐसा नहीं है। बल्कि मोहम्मद बिन सलमान के चचेरे भाई प्रिंस अल-वलीद बिन तलाल अल-सऊद सऊदी अरब के सबसे अमीर व्यक्ति (Richest Person in Saudi Arabia) हैं।
कितनी है अल-वलीद बिन तलाल की नेटवर्थ?
फोर्ब्स के अनुसार प्रिंस अल-वलीद बिन तलाल अल-सऊद की नेटवर्थ (Prince Alwaleed Bin Talal Alsaud Net Worth) 22.7 अरब डॉलर है, जो भारतीय करेंसी में 2.16 लाख करोड़ रुपये है। वे इस समय दुनिया के 119वें सबसे अमीर शख्स हैं।
कहां-कहां से करते हैं कमाई?
सऊदी निवेशक प्रिंस अलवलीद बिन तलाल, सऊदी में लिस्टेड कंपनी 'किंगडम होल्डिंग' (जिसके वे खुद फाउंडर हैं) के जरिए 'फोर सीजन्स' होटल चेन जैसी कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी रखते हैं। किंगडम होल्डिंग ने 2022 में घोषणा की थी कि सऊदी सरकार के 'पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड' ने अलवलीद से लगभग 16.9% हिस्सेदारी 1.6 अरब डॉलर में खरीदी है।
व्यक्तिगत तौर पर और किंगडम होल्डिंग के माध्यम से, अलवलीद ने X (पूर्व में ट्विटर) और एलन मस्क की संबंधित कंपनी, xAI—दोनों में निवेश किया है।
और कहां-कहां से आती है दौलत?
किंगडम होल्डिंग के अलावा, वलीद के पास सऊदी अरब में रियल एस्टेट, अरबी भाषा की फिल्म और संगीत कंपनी 'रोटाना' और सोशल मीडिया कंपनी 'स्नैप' में अनुमानित 1.5% हिस्सेदारी है। वलीद की किंगडम होल्डिंग की होटलों, एविएशन, रियल एस्टेट और अन्य कई इंडस्ट्रीज में हिस्सेदारी है। रियाद स्थित इस ग्रुप ने सिटीग्रुप और JD.com में भी निवेश किया हुआ है।
क्यों किया गया था अरेस्ट?
4 नवंबर 2017 को, सऊदी अरब में एक शाही भ्रष्टाचार-विरोधी समिति द्वारा चलाए गए "भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान" में गिरफ्तार किए गए लोगों में अल-वलीद भी शामिल थे। तब कुल मिलाकर, रियाद के 5-स्टार रिट्ज-कार्लटन होटल में 320 राजकुमारों, मंत्रियों और व्यापारियों को हिरासत में लिया गया था।
यह कार्रवाई क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आदेश पर की गई थी, जिन्होंने राज्य के अगले शासक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने के मकसद से यह कदम उठाया था। मोहम्मद बिन सलमान, अल-वलीद के चचेरे भाई हैं। दोनों ही देश के फाउंडर इब्न सऊद के वंशज हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अल-वलीद और गिरफ्तार किए गए अन्य ज्यादातर प्रमुख सऊदी लोगों ने रिहा होने से पहले सऊदी सरकार के साथ किसी न किसी प्रकार का वित्तीय समझौता किया था।
ये भी पढ़ें - 126 साल पुराने Murugappa ग्रुप के होंगे टुकड़े, 5वीं पीढ़ी बांटेगी विरासत; भारत में 33वां सबसे अमीर है ये परिवार
