नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। खजाने की सेहत को ठीक करने के लिहाज से सरकार सोने के आयात पर नियंत्रण जारी रखेगी। वित्ता मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में कहा कि सोने के अंधाधुंध आयात को नियंत्रित करने के लिए पूर्ववर्ती संप्रग सरकार की लगाई रोक जारी रहेगी। सोने का आयात बढ़ने की वजह से चालू खाते का घाटा तेजी से बढ़ रहा था, जिसे रोकने के लिए आयात शुल्क बढ़ा दिया गया था।

वित्ता मंत्री जेटली ने कहा कि चालू खाते के घाटे पर काबू पाने के लिए जो भी उपाय पिछली सरकार ने किए हैं, उन्हें खजाने की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए जारी रखा जाएगा। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान चालू खाते के घाटे को अनुशासित किए जाने वाले उपायों के बारे में पूछे सवालों के जवाब में वित्ता मंत्री जेटली ने कहा कि वर्ष 2012-13 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.7 फीसद यानी सर्वाधिक 88.2 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इस घाटे को काबू में करने के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने-अपने स्तर से कई उपाय किए हैं। इनमें अनावश्यक व गैर उत्पादक वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने वाले कदम प्रमुख हैं। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ये उपाय काफी कारगर भी साबित हुए हैं।

सरकार ने सोना आयात पर तीन बार शुल्क में वृद्धि कर इसे 10 फीसद कर दिया है। इसके बाद भी आयात होने वाले सोने का न्यूनतम 20 फीसद हिस्सा आभूषणों में तब्दील कर निर्यात की भी शर्त जोड़ी गई है। इससे सोना आयात को रोकने में काफी हद तक मदद मिली है। फिलहाल वर्ष 2013-14 में चालू खाते का घाटा 32.4 अरब डॉलर है। लेकिन इस साल जून में सोने के आयात में फिर तेजी आई है और पिछले साल के मुकाबले इसमें 65 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई है।

स्वर्ण आभूषणों पर बैंक दे सकेंगे ज्यादा लोन

नई दिल्ली। सोने के आयात पर सरकार ने भले पाबंदी लगाए रखकर सख्ती का संकेत दिया हो, लेकिन रिजर्व बैंक ने अपनी बंदिशों में ढील दी है। सोने के गहनों और आभूषणों पर बैंक अब ज्यादा लोन दे सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को इनकी सुरक्षा में दिए जाने वाले लोन की सीमा में राहत दी है। 30 दिसंबर को बैंकों के लिए सोने के आभूषणों व गहनों पर दिए जाने वाले लोन की सीमा एक लाख रुपये तक कर दी गई थी। अब आरबीआइ ने अधिसूचना जारी की है कि बैंक अपने बोर्ड से अनुमोदित नीति के अनुसार इसके लिए लोन की सीमा स्वयं तय कर सकते हैं।

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