Reliance Retail Story: एक स्टोर से शुरू, कई बड़े ब्रांड्स खरीदे; आज दुनिया में 7वां नंबर, ईशा ने बढ़ाया पिता का 'कद'
रिलायंस रिटेल, मुकेश अंबानी की सब्सिडियरी, स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की रिसर्च में दुनिया की 100 सबसे मूल्यवान प्राइवेट ...और पढ़ें

रिलयांस रिटेल ने हासिल किया बड़ा मुकाम

समय कम है?
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नई दिल्ली। रिलायंल इंडस्ट्रीज, जिसके चेयरमैन एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी हैं, की सब्सिडियरी रिलायंल रिटेल ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की रिसर्च के अनुसार, रिलायंस रिटेल को दुनिया की 100 सबसे अधिक वैल्यू वाली प्राइवेट ओनरशिप वाली और वेंचर कैपिटल-समर्थित कंपनियों में सातवां नंबर मिला है। ये रैंकिंग स्टैनफोर्ड की वेंचर कैपिटल पहल के तहत, जनवरी 2026 तक के डेटा के आधार पर पब्लिश की गई है।
टॉप 100 की लिस्ट में भारत की तीन कंपनियाँ शामिल हैं। Reliance Retail के साथ-साथ, National Stock Exchange of India $24 बिलियन के वैल्यूएशन के साथ 27वें स्थान पर है, जबकि Tata EV Mobility $9 बिलियन के वैल्यूएशन के साथ 93वें स्थान पर है।
20 साल पहले हुई थी शुरुआत
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 20 साल पहले 2006 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिलायंस रिटेल की शुरुआत बतौर सब्सिडियरी की थी। जून 2006 में रिलायंस की 32वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस नए वेंचर के लिए ₹25,000 करोड़ तक के निवेश की घोषणा की थी।
रिलायंस फ्रेश ने खोले नए दरवाजे
रिलायंस फ्रेश (First Reliance Fresh) नाम से रिटेल सुविधा स्टोरों का पहला सेट नवंबर 2006 में हैदराबाद में शुरू किया गया। इसके बाद 2007 में Reliance Digital के जरिए कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, Reliance Mart के तहत हाइपरमार्केट, Reliance Trends के साथ कपड़े, Reliance Jewels के जरिए ज्वेलरी और Reliance Footprint के माध्यम से जूते-चप्पल के क्षेत्र में एंट्री की गयी।
क्या थे नए बिजनेस?
2008 में, मार्क्स एंड स्पेंसर ने भारत में मार्क्स एंड स्पेंसर स्टोर्स की एक चेन खोलने के लिए रिलायंस रिटेल के साथ 51:49 का एक जॉइंट वेंचर किया। 2011 में, रिलायंस रिटेल ने अपनी रिटेल कैश एंड कैरी चेन शुरू की, जिसका नाम रिलायंस मार्केट रखा गया।
2013 में, शेयरधारकों, ग्राहकों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण, कंपनी ने मांसाहारी खाद्य पदार्थों की रिटेल बिक्री बंद कर दी और अपने 100 से अधिक 'रिलायंस डिलाइट' मांस और समुद्री भोजन स्टोर बंद कर दिए।
फिर 2014 तक, इसने 'रिलायंस टाइमआउट' नामक अपने किताबों और संगीत के स्टोर, और फर्नीचर विक्रेता 'रिलायंस लिविंग' को भी बंद कर दिया, ताकि यह वैल्यू रिटेलिंग और ई-कॉमर्स पर ध्यान केंद्रित कर सके।
जियोमार्ट कब हुआ लॉन्च?
2016 में, Reliance Retail ने अपने हाइपरमार्केट और मिनी-हाइपरमार्केट फॉर्मेट—Reliance Mart और Reliance Super—को Reliance Smart नाम से रीब्रांड किया। अप्रैल 2016 में, इसने अपना ऑनलाइन फैशन रिटेल प्लेटफॉर्म AJIO लॉन्च किया।
Reliance Retail का डेवलपमेंट 2019 तक मुख्य रूप से ऑर्गेनिकली हुआ, जब इसने बहुराष्ट्रीय खिलौना विक्रेता Hamleys का अधिग्रहण किया। दिसंबर 2019 में, कंपनी ने अपनी ऑनलाइन ग्रोसरी सरर्विस JioMart को सॉफ्ट-लॉन्च किया, जिसके बाद मई 2020 में COVID-19 लॉकडाउन के दौरान इसे बड़े पैमाने पर लॉन्च किया गया।
आगे कैसा रहा सफर?
अगस्त 2020 में, Reliance Retail ने Future Group के रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग बिनेस को ₹24,713 करोड़ में खरीदने की घोषणा की। हालाँकि, Future Group और Amazon के बीच लंबे समय तक चले कानूनी विवाद के बाद, अप्रैल 2022 में यह डील रद्द कर दी गई।
बाद में, Future Group द्वारा लीज का भुगतान न करने के कारण, Reliance Retail ने Future Group के 200 से ज्यादा Big Bazaar, Central और Brand Factory आउटलेट्स को एक्वायर कर लिया। फिर इन्हें क्रमशः Smart Bazaar, Centro और Fashion Factory के रूप में फिर से खोल दिया।
