नई दिल्ली, पीटीआइ। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एंटरटेनमेंट कंपनी जी को खरीदने की कोशिश की थी। यह जानकारी देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध मीडिया कंपनी जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (जीईईएल) के सबसे बड़े शेयरधारक इन्वेस्को ने बुधवार को दी। उसने कहा कि दोनों कंपनियों के बीच उसने सौदा कराने की कोशिश की थी। हालांकि, उसने इस बात से इनकार किया है कि उसने इस सौदे को कम कीमत पर कराने की कोशिश की थी। उसका यह बयान जीईईएल के प्रमुख पुनीत गोयनका द्वारा कंपनी के बोर्ड को इन्वेस्को के एक प्रस्ताव की जानकारी देने के अगले दिन आया है।

गोयनका ने बोर्ड को बताया था कि फरवरी 2021 में इन्वेस्को ने एक बड़े भारतीय ग्रुप (स्ट्रैटजिक ग्रुप) की कुछ कंपनियों के साथ विलय का प्रस्ताव रखा था। गोयनका के मुताबिक, इस सौदे से कंपनी के निवेशकों को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता। हालांकि, गोयनका ने इस बड़े भारतीय ग्रुप के नाम का खुलासा नहीं किया। इन्वेस्को ने कहा कि फरवरी में सौदे का जो प्रस्ताव था, उस पर रिलायंस, गोयनका और जी के प्रमोटरों के बीच बातचीत हुई थी। जी के सबसे बड़े शेयरधारक इंवेस्को ने कहा कि इसमें उसकी भूमिका सिर्फ सौदे को आगे बढ़ाने की थी।

रिलायंस का स्पष्टीकरण 

जबकि पुनीत गोयनका ने मंगलवार को बोर्ड से कहा था कि इस सौदे का प्रस्ताव इन्वेस्को लेकर आई थी और अगर सौदा होता तो शेयरधारकों को हजारों करोड़ का नुकसान होता। इसके अलावा गोयनका ने कहा कि स्ट्रैटजिक ग्रुप की कंपनी में बहुलांश हिस्सेदारी होती और विलय के बाद बनी कंपनी में चार फीसदी हिस्सेदारी के साथ उन्हें एमडी और सीईओ बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। प्रतिद्वंद्वी सोनी पिक्चर्स नेटव‌र्क्स इंडिया (एसपीएनआइ) के साथ जीईईएल के विलय के प्रस्ताव पर इन्वेस्को ने कहा कि यह आम शेयरधारकों के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ है।

पुनीत गोयनका समेत तीन निदेशकों को हटाना चाहता है इन्वेस्को

जी एंटरटेनमेंट और इन्वेस्को के बीच विवाद इन्वेस्को द्वारा असाधारण जनरल मीटिंग (ईजीएम) बुलाए जाने की मांग को लेकर शुरू हुआ। इन्वेस्को और ओएफआइ ग्लोबल चाइना फंड एलएलसी ने जी एंटरटेनमेंट के सीईओ पुनीत गोयनका समेत तीन निदेशकों को हटाने और छह स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति लिए ईजीएम बुलाई थी। पुनीत गोयनका सुभाष चंद्रा के पुत्र हैं। इस मसले को लेकर जी और इन्वेस्को के बीच तीन संस्थानों (बांबे हाई कोर्ट, एनसीएलटी व एनसीएलएटी) में कानूनी लड़ाई चल रही है।

Edited By: Nitesh