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RBI का ऐतिहासिक फैसला: बैंकों के लिए 14 नए सख्त नियम जारी, अब लोन डूबने से पहले ही करनी होगी तैयारी

Published: Tue, 28 Apr 2026 01:16 AM (IST)Updated: Tue, 28 Apr 2026 01:44 PM (IST)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए 14 नए और सख्त नियम लागू ...और पढ़ें

HighLights

  1. RBI ने बैंकों के लिए 14 नए सख्त नियम लागू किए।

  2. 'Expected Credit Loss' मॉडल से पहले से फंड सुरक्षित होगा।

  3. नए नियम अप्रैल 2027 से होंगे प्रभावी, बैंकिंग मजबूत होगी।

नई दिल्ली| भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के बैंकिंग सिस्टम को और ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 27 अप्रैल को RBI ने एसेट क्लासिफिकेशन और लोन के प्रावधानों (प्रॉविजनिंग) से जुड़े 14 नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का सीधा असर इस बात पर पड़ेगा कि बैंक अपने खराब लोन (Bad Loans) की पहचान कैसे करते हैं और उनके लिए फंड का इंतजाम कैसे रखते हैं।

पुराना तरीका बदला, अब 'ECL' मॉडल की बारी

अभी तक बैंक 'Incurred Loss' मॉडल पर काम करते थे, यानी जब नुकसान हो जाता था, तब उसके लिए पैसे अलग रखे जाते थे। लेकिन अब RBI ने 'Expected Credit Loss (ECL)' मॉडल अपनाने को कहा है। सरल भाषा में कहें तो अब बैंकों को भविष्य का अंदाजा लगाना होगा। अगर किसी लोन में डूबने का थोड़ा भी जोखिम दिख रहा है, तो बैंक को पहले से ही उसके लिए फंड सुरक्षित रखना होगा। यह पूरी तरह से 'फॉरवर्ड लुकिंग' अप्रोच है।

तीन स्टेज में बंटेगा आपका लोन

नए नियमों के मुताबिक, क्रेडिट रिस्क यानी जोखिम के आधार पर लोन को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा:

  • स्टेज 1: वे लोन जिनमें जोखिम बहुत कम है। इनके लिए बैंक अगले 12 महीनों की डिफॉल्ट संभावना के आधार पर फंड अलग रखेंगे।
  • स्टेज 2: वे लोन जिनमें जोखिम बढ़ता दिख रहा है। यहां पूरे लोन की अवधि के हिसाब से खतरा आंका जाएगा।
  • स्टेज 3: वे लोन जो पूरी तरह खराब (क्रेडिट इम्पेयर्ड) हो चुके हैं।

NPA की परिभाषा में बदलाव नहीं

भले ही लोन आंकने का तरीका बदल गया हो, लेकिन RBI ने स्पष्ट किया है कि NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) की परिभाषा पहले जैसी ही रहेगी। यानी अगर किसी लोन की किश्त 90 दिनों तक नहीं चुकाई जाती है, तो उसे डिफॉल्ट या NPA ही माना जाएगा।

कब से होंगे लागू?

RBI ने बैंकों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया है। ये नए नियम अप्रैल 2027 से लागू होंगे। इससे पहले RBI ने अक्टूबर में ड्राफ्ट जारी कर बैंकों की राय भी ली थी। जानकारों का मानना है कि इन 14 नए नियमों से बैंकों की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी और भविष्य में आने वाले किसी भी आर्थिक संकट से निपटने में आसानी होगी।

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