नई दिल्ली (पीटीआइ)। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से चालू वित्त वर्ष के अंत तक ब्याज दर में 0.40 फीसद कटौती की जा सकती है। फिच सॉल्यूशंस ने शुक्रवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए अब तक उठाए गए कदम नाकाफी हैं इसलिए ब्याज दर में कटौती की संभावना है। आरबीआई ने सात अगस्त को रेपो दर में 0.35 फीसद की कटौती की है। हालांकि, तब ब्याज दर में 0.25 फीसद कटौती की उम्मीद थी।

भारतीय ब्याज दरों के बारे में अपनी रिपोर्ट में फिच सॉल्यूशन्स ने कहा, 'आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दी गई मौद्रिक ढील अब तक नाकाफी दिख रही है, ऐसे में फिच सॉल्यूशन्स को उम्मीद है कि आरबीआई मार्च, 2020 तक नीतिगत ब्याज दर में 40 आधार अंक (0.40 फीसद) की और कटौती कर सकता है।'

आरबीआई फ़रवरी से अब तक चार बार ब्याज दरों में कटौती कर चुका है लेकिन कर्ज लेने वालों तक इसके अनुपात में राहत अब तक नहीं पहुंची है। केंद्रीय बैंक इस साल अब तक ब्याज दर में 1.10 फीसद की कमी कर चुका है। फिच की रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक की ओर से इतनी कटौती के बावजूद आर्थिक गतिविधियों को अपेक्षित बल नहीं मिल सका है।

वाहन उद्योग दो दशक के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। फिच ने कहा, 'भारत में मौद्रिक नीति का लाभ आगे बढ़ाने से जुड़ी बुरी व्यवस्था के कारण ब्याज दर में हमारी उम्मीद से अधिक की कटौती करनी पड़ सकती है।' फिच ने चालू वित्त वर्ष के दौरान वास्तविक जीडीपी वृद्धि के 6.8 फीसद पर रहने का अनुमान जताया है। 

Posted By: Nitesh

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