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RBI MPC Meeting: 3.5 साल बाद रेपो रेट में होगा इजाफा? महंगा हो जाएगा होम लोन; 10 बजे आएगा फैसला

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:51 AM (IST)

भारतीय रिजर्व बैंक आज 7 अक्टूबर को अपनी मौद्रिक नीति (RBI MPC Meeting) का फैसला सुनाएगा, जिसमें रेपो रेट में ...और पढ़ें

आरबीआई आज मौद्रिक नीति पर अहम फैसला सुनाएगा।

आरबीआई आज मौद्रिक नीति पर अहम फैसला सुनाएगा।

HighLights

  1. आरबीआई आज मौद्रिक नीति का अहम फैसला सुनाएगा।

  2. रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी संभव है।

  3. ब्याज दर बढ़ने से होम लोन की ईएमआई महंगी होगी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक आज यानी बुधवार 7 अक्टूबर को मौद्रिक नीति (RBI MPC Meeting) का फैसला करने वाला है। इस मॉनिटरी पॉलिसी के फैसले पर सभी की नजर है। रेपो रेट में अगर कुछ भी बदलाव होता है तो उसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि करीब 3.5 के बाद आरबीआई एक बार फिर से रेपो रेट की ब्याज दरों (Repo Rate) में इजाफा कर सकता है।

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के रेट से जुड़े फैसले की घोषणा करेंगे। इस फैसले का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पिछली बार रेपो रेट 8 फरवरी, 2023 को बढ़ाई थी, जब इसे 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 6.50% कर दिया गया था।

रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की हो सकती है बढ़ोतरी

न्यूज एजेंसी PTI के एक पोल में ज्यादातर लोगों का मानना है कि RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करेगा और सख्त रुख अपनाए रखेगा, हालांकि इस बात पर राय बंटी हुई है कि क्या सेंट्रल बैंक अपनी पॉलिसी के रुख में भी कोई बदलाव करेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में अगर रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की बढ़ोतरी करता है तो ब्याज दर 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो जाएगी।

रेपो रेट में 25 bps की बढ़ोतरी सुनने में भले ही छोटी लगे, लेकिन इसका असर होम लोन समेत दूसरे कर्ज की लागत पर पड़ सकता है। खासकर रेपो रेट से जुड़े होम लोन लेने वाले ग्राहकों की EMI या लोन की अवधि में बदलाव हो सकता है।

फरवरी 2023 के बाद क्या बढ़ेगी ब्याज दर?

RBI की ओर से मौजूदा रेपो रेट 5.25 फीसदी है। अगर केंद्रीय बैंक इसमें 25 bps की बढ़ोतरी करता है तो यह 5.50 फीसदी हो जाएगा। यह फरवरी 2023 के बाद पहली रेपो रेट बढ़ोतरी होगी।

यह फैसला ऐसे समय में आने वाला है जब कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके साथ ही महंगाई को लेकर भी चिंता बढ़ी है। ऐसे में अर्थशास्त्रियों के बीच 25 bps की बढ़ोतरी की उम्मीद मजबूत हुई है।

रेपो रेट में हुआ इजाफा तो क्या महंगा हो जाएगा होम लोन?

रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर हर होम लोन ग्राहक पर एक जैसा नहीं होगा। इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका लोन किस तरह की ब्याज दर से जुड़ा है।

रेपो रेट से जुड़े फ्लोटिंग रेट होम लोन में RBI की दर बढ़ने के बाद बैंक ब्याज दर में बदलाव कर सकते हैं। इससे ग्राहक की EMI बढ़ सकती है या बैंक लोन की अवधि बढ़ा सकता है।

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 25 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है। इस लोन की ब्याज दर 7.5 फीसदी है।

BankBazaar के अनुसार, इस लोन की मासिक EMI करीब 36,950 रुपये बैठती है। 25 साल यानी 300 महीने की पूरी अवधि में ग्राहक को लगभग 60.85 लाख रुपये ब्याज के रूप में चुकाने होंगे।

अब अगर रेपो रेट में 25 bps की बढ़ोतरी के बाद बैंक भी होम लोन की ब्याज दर बढ़ाते हैं, तो ग्राहक पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ पड़ सकता है। बैंक की ओर से ब्याज दर में कितना बदलाव किया जाता है, उसके आधार पर EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है।

महंगाई पर भी RBI की है नजर

RBI के फैसले में महंगाई की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहेगी। केंद्रीय बैंक ने पिछली समीक्षा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए CPI महंगाई का अनुमान 5 फीसदी रखा था।

अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी। महंगाई बढ़ने के पीछे सप्लाई से जुड़ी चुनौतियां और बढ़ती कमोडिटी कीमतें महत्वपूर्ण जोखिम बन सकती हैं।

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