यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं
कमजोर मानसून से महंगाई दर बढ़ने की आशंका के बीच मंगलवार को पेश होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा में ...और पढ़ें

नई दिल्ली। कमजोर मानसून से महंगाई दर बढ़ने की आशंका के बीच मंगलवार को पेश होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं है। महीने में दो बार होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा में पुरानी ब्याज दरें ही कायम रह सकती हैं।
खाद्य महंगाई की दर आठ फीसद से ऊपर बनी हुई है। इस लिहाज से रिजर्व बैंक को कोई भी कदम बड़ा सोच-समझ कर उठाना होगा। वैसे, उसकी ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि महंगाई काबू में करना उसकी पहली प्राथमिकता है। कमजोर मानसून के कारण महंगाई, विशेष रूप से खाद्य महंगाई दर के बढ़ने का खतरा बना हुआ है। आने वाले दिनों में इसके चलते स्थिति बिगड़ सकती है। टमाटर, प्याज, आलू जैसी सब्जियों के दाम पहले ही सामान्य से ऊपर बने हुए हैं। जुलाई के अंत तक मानसून सामान्य से 23 फीसद कम दर्ज किया गया है।
भारतीय स्टेट बैंक [एबीआइ] की मुखिया अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा कि पांच अगस्त को पेश होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा में आरबीआइ की ओर से ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम ही है। इन्हें यथावत रखा जाएगा।
एचडीएफसी बैंक के डिप्टी एमडी परेश सुक्थांकर ने कहा कि उनके विचार से नीतिगत दरों को बनाए रखा जाएगा। जून में हुई मौद्रिक नीति की समीक्षा में भी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा था। यह लगातार दूसरी बार था, जब आरबीआइ के गवर्नर रघुराम राजन ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था।
