दीवाली से पहले व्यापारियों की बढ़ी धड़कनें! 1 नवंबर को राहुल गांधी की रैली से दांव पर लगा ₹12000 करोड़ का कारोबार
Rahul Gandhi Maharally: दीवाली से ठीक पहले राहुल गांधी की 1 नवंबर की रैली से दिल्ली के कारोबारी चिंतित हैं, ...और पढ़ें

दीवाली के पहले व्यापारियों की बढ़ी धड़कनें! 1 नवंबर को राहुल गांधी की रैली से दांव पर लगा ₹12000 करोड़ का कारोबार
HighLights
राहुल गांधी की 1 नवंबर की रैली से व्यापारी चिंतित।
दीवाली से पहले ₹12,000 करोड़ के कारोबार का नुकसान।
CTI ने सोनिया गांधी से रैली टालने या स्थान बदलने की मांग।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली से ठीक पहले दिल्ली के कारोबारियों की चिंता काफी बढ़ गई है। दिल्ली के प्रमुख व्यापार संगठन 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI- Chamber of Trade and Industry) ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें मांग की गई है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बुलाई गई मेगा रैली को दीवाली के बाद तक के लिए टाल दिया जाए। आइए विस्तार से जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?
राहुल क्यों कर रहे हैं रैली?
1 नवंबर 2026 को राहुल गांधी ने महारैली निकालने का एलान किया है। राहुल गांधी केंद्र सरकार और वोट चोरी के खिलाफ ये रैली निकाल रहे हैं। राहुल की इस रैली में करीब 10 लाख लोगों और 15000-20000 गाड़ियों के आने की संभावना है। ऐसे में व्यापारियों का कहना है कि अगर इस समय सेंट्रल दिल्ली में भारी भीड़ उमड़ी, तो राजधानी के 20 बड़े बाजारों का ₹10-₹12 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है।
CTI को किस बात की चिंता?
इस साल 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दीवाली है। 1 नवंबर का दिन त्योहारी सीजन की खरीदारी और ट्रांसपोर्टेशन के लिहाज से सबसे व्यस्त दिनों में से एक होता है। ऐसे में CTI ने सवाल उठाया है कि 15,000 से 20,000 गाड़ियों को कहां पार्क किया जाएगा? रामलीला मैदान में 200 बड़ी बसों को भी पार्क करने की ढंग से जगह नहीं है।
CTI अध्यक्ष बृजेश गोयल ने साफ किया कि वे रैली के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि दिवाली के इस महत्वपूर्ण समय में व्यापारियों को रोजगार को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सेंट्रल दिल्ली में लॉकडाउन जैसी स्थिति बन गई, तो बाजारों तक धनतेरस का सामान कैसे पहुंचेगा?
किन बाजारों पर पड़ेगा असर?
व्यापारियों का कहना है कि रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले लगभग 20 थोक और खुदरा बाजार बुरी तरह से प्रभावित होंगे। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, जनपथ, भागीरथ प्लेस, खारी बावली, कश्मीरी गेट, नया बाजार, चवड़ी बाजार, किनारी बाजार, दरियागंज, करोल बाग, गफ्फार मार्केट, सदर बाजार और अजमेरी गेट आदि शामिल हैं।
ट्रांसपोर्टरों ने अभी से बाजारों में गाड़ियां भेजने से हाथ खड़े करना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का तर्क है कि 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर सिर्फ 5 से 7 हजार लोग जुटे थे, तब भी सेंट्रल दिल्ली 8 घंटे तक जाम रही थी। ऐसे में 10 लाख लोगों के आने से क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है।
व्यापारियों ने रखीं दो मांग!
त्योहारी सीजन के बीच राहुल गांधी की रैली को देखते हुए कारोबारियों ने अपने पत्र में सोनिया गांधी से दो मांगे रखीं। CTI का कहना है कि इस महारैली को 10 नवंबर तक के लिए टाल दिया जाए और उसके बाद कभी भी आयोजित किया जाए। साथ ही अगर 1 नवंबर की तारीख बदलना मुमकिन नहीं है तो रैली की जगह बदलकर बुराड़ी मैदान कर दी जाए।
