पुतिन के BRICS देशों को दिए शानदार ऑफर से अमेरिका-यूरोप की बढ़ेगी टेंशन? बनेगा नया बीमा और अनाज बाजार!
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Putin in BRICS) ने ब्रिक्स देशों के बीच नया बीमा सिस्टम और अनाज का साझा बाज़ार ...और पढ़ें

पुतिन ने ब्रिक्स देशों के लिए नया बीमा और अनाज बाजार बनाने का प्रस्ताव दिया
HighLights
पुतिन ने ब्रिक्स देशों के लिए नया बीमा सिस्टम प्रस्तावित किया।
अनाज का साझा बाज़ार बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया।
आर्थिक सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक दृष्टिकोण पर जोर।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स देशों के बीच एक नया इंश्योरेंस सिस्टम और अनाज का साझा बाजार बनाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक नजरिए की जरूरत पर जोर दिया।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आखिरी सेशन में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि बाहरी आर्थिक दबाव के बावजूद, सदस्य देशों में पूंजी, लेबर और टेक्नोलॉजी के लेन-देन के लिए स्वतंत्र रास्ते बनाने की क्षमता है।
पुतिन ने कहा, "हमारे पास आगे बढ़ने के लिए कुछ अच्छे प्लान हैं, जैसे कि इंश्योरेंस सिस्टम और अनाज का बाजार बनाना।"
उन्होंने इन प्रस्तावों को रूस की पहल बताया और दूसरे ब्रिक्स सदस्यों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के बीच ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ ही 'ग्लोबल साउथ' के देशों में आर्थिक वृद्धि के लिए इन नई पहल की पेशकश की।
प्रस्तावित बीमा व्यवस्था रूस के लिए अहम हो सकती है, क्योंकि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से उसके ऊर्जा निर्यात पर असर पड़ा है। उल्लेखनीय है कि जी-7 देशों, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने पश्चिमी कंपनियों पर रूसी कच्चे तेल का परिवहन करने वाले किसी भी जहाज का बीमा करने पर कुछ शर्तों के साथ प्रतिबंध लगा रखा है।
G7, यूरोपीय संघ और UK ने पश्चिमी कंपनियों को रूसी कच्चा तेल ले जाने वाले जहाजों का बीमा करने से रोक दिया है। और तेल के एक तय कीमत सीमा के भीतर बेचने की शर्त रखी है।
पुतिन ने BRICS द्वारा स्थापित बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' के कामकाज की भी तारीफ की और कहा कि यह लगभग 140 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट्स को संभाल रहा है। उन्होंने बैंक और BRICS की अन्य पहलों को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच स्वतंत्र आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा बताया।
अर्थव्यवस्था से हटकर, पुतिन ने BRICS और 'ग्लोबल साउथ' देशों से अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया, जिसमें समस्याओं के तात्कालिक लक्षणों और उनके मूल कारणों, दोनों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए मजबूत वैश्विक शासन और संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया।
पुतिन ने कहा कि BRICS की बैठकों में बढ़ती भागीदारी इस समूह में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि और स्वतंत्र निर्णय लेने, सामूहिक रूप से समस्याओं को सुलझाने, अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर के सिद्धांतों पर इसके जोर को दर्शाती है।
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा मूल रूप से गठित होने के बाद से BRICS का काफी विस्तार हुआ है। मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया के शामिल होने के बाद अब इस समूह में 11 पूर्ण सदस्य हैं। इसमें कई सहयोगी देश भी शामिल हैं।
यह समूह वैश्विक आबादी, अर्थव्यवस्था और व्यापार के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मामलों में इसका बढ़ता प्रभाव और मजबूत होता है।
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