यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सहारा की प्रॉपर्टी बेचने की प्रक्रिया हुई शुरू
देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित समूह की 61 संपत्तियों की बिक्री ई-नीलामी के जरिये की जाएगी..

नई दिल्ली, प्रेट्र। सहारा समूह की प्रॉपर्टी बेचने की प्रक्रिया एचडीएफसी रियल्टी और एसबीआइ कैपिटल मार्केट्स (एसबीआइ कैप्स) ने शुरू कर दी है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित समूह की 61 संपत्तियों की बिक्री ई-नीलामी के जरिये की जाएगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने दोनों फर्मो को यह काम सौंपा है। निवेशकों से वसूली गई रकम लौटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर समूह की ये जमीने बेची जा रही हैं।
एचडीएफसी रियल्टी के पास 31 संपत्तियों की नीलामी का काम है। उसने इनका सर्किल दर के हिसाब से इन मूल्य लगभग 2,400 करोड़ रुपये आंका है। इसी हिसाब से एसबीआइ कैप्स के जिम्मे वाली 30 संपत्तियों की कीमत करीब 4,100 करोड़ रुपये आंकी गई है। नीलामी का काम अगले चार माह में पूरा कर लिया जाएगा। इनमें पहली पांच प्रॉपर्टी के लिए विज्ञापन इसी हफ्ते जारी किए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक इन संपत्तियों को सर्किल रेट के 90 फीसद से नीचे नहीं बेचा जा सकता है।
ये संपत्तियां उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ, केरल, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात व तमिलनाडु में हैं। इनमें भूखंड, खेती की जमीन के साथ-साथ आवासीय, कॉमर्शियल और इंडस्टि्रयल प्रॉपर्टी भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को सहारा की उन संपत्तियों की बिक्री शुरू करने का आदेश दिया था, जिनके स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उसके पास जमा हैं। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस बीएन अग्रवाल नियामक सेबी की ओर से की जा रही बिक्री प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। कोर्ट ने संपत्तियों की नीलामी के लिए नियामक को विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद लेने को भी कहा था।
अदालती आदेश के बाद ही सेबी ने एचडीएफसी रियल्टी व एसबीआइ कैप्स की सेवाएं ली हैं। दोनों फर्मो ने कुल मिलाकर 61 संपत्तियों की नीलामी के लिए इंतजाम किया है। एचडीएफसी रियल्टी के मुताबिक नीलामी की तारीख सार्वजनिक माध्यमों के जरिये घोषित की जाएगी। एसबीआइ कैप्स ने अपनी जिम्मेदारी वाली संपत्तियों के ब्योरे तैयार कर लिए हैं। इनमें प्रॉपर्टी जिस जगह पर उसका नक्शा भी शामिल है।
