नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कॉरपोरेट टैक्स में कमी की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा को इंडस्ट्री के साथ-साथ पॉलिसी मेकर्स की ओर से भी सराहा जा रहा है। नीति बनाने वालों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से जीडीपी वृद्धि को मजबूती मिलेगी। कानून, सूचना-प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार की ओर से घोषित इन उपायों का फायदा इलेक्ट्रॉनिक एवं मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स को मिलेगा।

प्रसाद ने कहा कि यह कदम दिखाता है कि सरकार देश को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के लिए किस प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, नीति आगोय के उपाध्यक्ष राजीव कुमार सहित तमाम पॉलिसी मेकर्स ने इस फैसले की खुलकर प्रशंसा की है।

प्रसाद ने एक कार्यक्रम में कहा, ''मैं मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों अपील करता हूं कि वे इस इन्सेंटिव का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। भारत की सरकार टेक्नोलॉजी, ह्यमून रिसोर्स और कारोबार सुगम बनाने वाली।'' 

महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि टैक्स रिफॉर्म से ‘मेक इन इंडिया’को गति मिलेगी एवं वृद्धि में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि इससे निवेश भी बढ़ेगा। 

गोयल ने इन घोषणाओं के लिए सीतारमण को शुक्रिया कहा। वहीं, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि इन घोषणाओं से कंपनियों में नए उत्साह एवं ऊर्जा का संचार होगा। 

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर कहा, ‘‘इससे मेक इन इंडिया में तेजी आएगी, दुनिया भर से निजी निवेश आकर्षित होंगे, निजी क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी, और रोजगार का सृजन होगा। यह कुल मिलाकर 130 करोड़ लोगों के लिये फायदेमंद है।’’ 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि इससे आगे बढ़ते हुए कहा कि यह वैसे लोगों को ठोस जवाब है, जो नकारात्मक सोच रखते हैं। कुमार ने कहा कि सरकार के इस फैसले से निवेशकों की धारणा मजबूत होगी।

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि इसे बेहतरीन फैसला करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था में उत्साह का सृजन होगा। 

Posted By: Ankit Kumar

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