नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्दी ही ट्रेन 18 को हरी झंडी दिखाएंगे। देश की सबसे तेजी से दौड़ने वाली यह ट्रेन दिल्ली-वाराणसी मार्ग पर चलेगी। गोयल ने सार्वजनिक उपक्रम कॉनकोर के कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। रेल मंत्री ने कहा कि यह रेलगाड़ी ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बनी है और देश में बुलेट ट्रेनों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी। गोयल के मुताबिक यह ट्रेन आठ घंटे में दिल्ली से वाराणसी का सफर तय करेगी।

रेल मंत्री के अनुसार बुलेट ट्रेनों की दिशा में यह पहला छोटा कदम है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पिछले साढ़े चार साल में कई काम किए हैं और पुराने डिब्बे (कोच) को पूरी तरह से बंद कर दिया है और उसकी जगह एलएचबी डिब्बे पेश किए हैं। गोयल ने कहा कि भारतीय रेलवे पूरी तरह से बिजली से चलने वाली दुनिया की पहली रेलवे में से एक होगी।

मालूम हो कि ट्रेन 18, नवंबर-2018 में दिल्ली पहुंची थी। इसके बाद दिसंबर तक इस ट्रेन का ट्रायल रन किया गया। इस ट्रेन को पहले 25 दिसंबर और फिर 29 दिसंबर 2018 से चलाने की योजना थी। उम्मीद की जा रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन-18 को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हरी झंडी दिखाएंगे। हालांकि, इन दोनों तिथियों पर ट्रेन-18 का संचालन शुरू नहीं हो सका।

ट्रेन 18 की खासियतें

इस ट्रेन के मध्य में दो एक्जिक्यूटिव कंपार्टमेंट हैं।

दोनों एक्जिक्यूटिव कंपार्टमेंट में 52-52 सीटें हैं।

यह देश की पहली इंजन रहित ट्रेन होगी और शताब्दी का स्थान लेगी।

शताब्दी की 130 किलोमीटर प्रति घंटे की जगह 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार।

गति के मुताबिक पटरी बना ली जाए तो यह शताब्दी से 15 प्रतिशत कम समय लेगी।

ट्रेन के सामान्य कोच में 78 सीटें हैं।

अलहदा तरह की लाइट, ऑटोमेटिक दरवाजे और सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।

जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली होगी।

 

Posted By: Nitesh

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