नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए '3rd Annual Bloomberg New Economy Forum' को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस फोरम में अपने संबोधन के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया को रिस्टार्ट करने से पहले रीसेट करने का मौका दे दिया है। उन्होंने कहा कि 'मौजूदा कोविड-19 महामारी ने दुनिया को दिखाया कि शहर, जो विकास के इंजन भी हैं, सबसे कमजोर हैं।'

आइए जानते हैं इस फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य रूप से कौन-कौन सी बातें कहींः

  • पीएम मोदी ने कहा, 'कोविड -19 ने हमें रिस्टार्ट करने से पहले रीसेट करने का अवसर दिया है। अब रिस्टार्ट करने का एक अच्छा बिंदु शहरी केंद्रों का कायाकल्प होगा।
  • पीएम मोदी ने कहा, 'लॉकडाउन को दुनिया भर में प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। लेकिन भारतीय शहरों में लॉकडाउन नियमों का पालन हुआ हैं, क्योंकि हमारे शहरों की सोसाइटी केवल घरों से बनी जगह नहीं, बल्कि समुदाय है।'
  • पीएम मोदी ने कहा, 'क्या हम टिकाऊ शहरों का निर्माण नहीं कर सकते? भारत में यह प्रयास किया गया है कि हम ऐसे शहरी केंद्रों का निर्माण करें, जिनमें शहरों की सुविधाएं हों, लेकिन गांवों जैसी भावना हो। प्रौद्योगिकी ने हमें कोविड -19 महामारी के दौरान अपना काम जारी रखने में मदद की है।'
  • पीएम मोदी ने कहा, 'मौजूदा कोविड-19 महामारी ने दुनिया को दिखाया कि शहर, जो विकास के इंजन भी हैं, सबसे कमजोर हैं।'
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व युद्धों के बाद पूरी दुनिया में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले थे। कोविड-19 ने हमें हर सेक्टर में नए प्रोटोकॉल विकसित करने के समान अवसर उपलब्ध कराए हैं। अगर हम भविष्य के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करना चाहते हैं तो हमें इन मौकों को लपकना होगा। 
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सरकार 2022 की समयसीमा से पहले एक करोड़ किफायती मकान उपलब्ध कराएगी। 
    • उन्होंने कहा कि 100 स्मार्ट शहरों में दो लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इनमें से 1.4 लाख करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या पूरी होने वाली हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमिक फोरम की स्थापना 2018 में माइकल ब्लूमबर्ग ने की थी। इस फोरम का लक्ष्य विश्व की कठिन आर्थिक चुनौतियों के समाधान को लेकर दुनियाभर के नेताओं को विचार-विमर्श के एक साझा मंच पर लाने का है।

इस फोरम की पहली बैठक सिंगापुर में हुई थी। वहीं, दूसरे सालाना फोरम का आयोजन बीजिंग में हुआ था। इनमें वैश्विक आर्थिक प्रबंधन, व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, शहरीकरण, पूंजी बाजार, जलवायु परिवर्तन और समावेशन पर चर्चा हुई थी।

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