यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Petrol-Diesel Update: पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से होने वाले नुकसान को वहन करेगी केंद्र सरकार: वित्त सचिव टी वी सोमनाथन
वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये और 5 रुपये ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती से होने वाले नुकसान को केंद्र सरकार के द्वारा वहन किया जाएगा। सोमवार को वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने बयान देते हुए यह कहा कि, "पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: 10 रुपये और 5 रुपये प्रति लीटर की कमी से होने वाले पूरे राजस्व नुकसान को केंद्र वहन करेगा। ईंधन में पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में क्रमशः 5 रुपए और 10 रुपये की कटौती के कारण केंद्र सरकार को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेकिन उत्पाद शुल्क में हुई कटौती के बाद भी राज्यों को हस्तांतरण का कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।"
वित्त सचिव ने बयान देते हुए यह भी कहा कि, "इस कटौती से राज्यों को कम हस्तांतरण के कारण राजस्व हानि नहीं होगी। मौजूदा वक्त में एकत्र किए गए कर का 41 फीसद हिस्सा 14 किस्तों में राज्यों को हस्तांतरित किया जाता है।" आपको बताते चलें कि, पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों से जनता को राहत देने के लिए, केंद्र सरकार ने दीवाली से ठीक एक दिन पहले ईंधन पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती करने का फैसला किया था।
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर को पेट्रोल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में 5 रुपए और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में 10 रुपए तक की कटौती की थी। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद कई सारे राज्यो नें भी पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर यानी कि VAT में कटौती की करने का फैसला किया था। केंद्र और राज्य सरकार के ईंधन पर लगने वाले टैक्स में कटौती के बाद कई सारी जगहों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। ईंधन पर लगने वाले करों में कटौती किए जाने से पहले देश के कुछ दिस्सों में पेट्रोल की कीमतें 120 रुपए प्रति लीटर से भी अधिक पहुंच गई थीं।
