नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अमेरिका के एक बड़े अर्थशास्त्री पॉल क्रूगमैन ने एक समारोह के दौरान अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि बढ़ी हुई बेरोजगारी भारत के ग्रोथ मॉडल की राह में रोड़ा बन सकती है। उन्होंने कहा कि अगर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेज ग्रोथ न दिखी तो ऐसा हो सकता है।

एक निजी समारोह में उन्होंने कहा, “यहां एक अवधारणा है जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहा जाता है उससे आपको सावधान रहना चाहिए। भविष्य में निदान भारत में एक डॉक्टर से आउटसोर्स किया जा सकता है, यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित फर्म की ओर भी जा सकता है। इस तरह की चीजें भारतीय सेवा क्षेत्र के लिए चिंता का कारण हो सकती हैं।”

उन्होंने कहा, “जापान अब एक महाशक्ति नहीं है क्योंकि इसकी कार्यशील आबादी में गिरावट आई है और चीन की स्थिति भी कुछ ऐसी ही मालूम देती है। एशिया में भारत अगुआ बन सकता है लेकिन उसी सूरत में अगर वह अपने मैन्युफैक्चर सेक्टर को और मजबूत बना ले।”

उन्होंने कहा, “विनिर्माण क्षेत्र की कमजोरी भारत के खिलाफ काम कर सकती है चूंकि जनसांख्यिकी में अनुमानित वृद्धि को बनाए रखने के लिए आवश्यक काम की उपलब्धता नहीं है। आपको लोगों के लिए नौकरियां ढूंढनी है। भारत की ग्रोथ स्टोरी थोड़ा अलग है। सेवाओं में विकास की दर जिसे दुनिया में कहीं और नहीं देखा जा रहा है और सेवाओं के वैश्वीकरण की संभावनाएं अभी शुरू हुई हैं। सेवा व्यापार में वैश्वीकरण की एक विशाल क्षमता है। यह एक कारण है जिसके वजह से विशेष रूप से भारत की प्रगति की उम्मीद है।”

क्रूगमैन ने कहा कि भारत की ग्रोथ की कहानी अविश्वसनीय है लेकिन इसने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ नहीं खींचा, क्योंकि चीन ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने भारत पर वह ध्यान नहीं दिया जो देना चाहिए था।

Edited By: Praveen Dwivedi