LPG के बाद पानी भी होगा महंगा! पैकेज्ड वाटर इंडस्ट्री पर दबाव, गर्मियों से पहले बढ़ सकती है बोतलबंद पानी की कीमत?
Packaged Water Price Increase India: से जुड़े युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत में बोतलबंद पानी ...और पढ़ें

LPG के बाद पानी भी होगा महंगा! पैकेज्ड वाटर इंडस्ट्री पर दबाव, गर्मियों से पहले बढ़ सकती है बोतलबंद पानी की कीमत?

समय कम है?
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नई दिल्ली| ईरान से जुड़े युद्ध और कच्चे तेल की तेजी का असर अब सीधे आपकी जेब पर पड़ सकता है। भारत में पीने वाले बोतलबंद पानी की कीमत बढ़ने (packaged water price increase India) के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि तेल महंगा होने से पैकेज्ड वाटर इंडस्ट्री की लागत तेजी से बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। तेल की इस तेजी का असर अब प्लास्टिक और पैकेजिंग से जुड़े सेक्टर पर पड़ रहा है, जिससे भारत की करीब 5 अरब डॉलर की पैकेज्ड वाटर इंडस्ट्री दबाव में आ गई है।
खासकर गर्मियों के सीजन से ठीक पहले कंपनियों की लागत तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि यही वह समय होता है जब पानी की मांग सबसे ज्यादा रहती है।
क्यों महंगा हो रहा है बोतलबंद पानी ?
इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों के मुताबिक युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और पैकेजिंग से जुड़ी कई चीजें महंगी हो गई हैं। प्लास्टिक बोतल बनाने वाला मुख्य कच्चा माल पॉलिमर 50% महंगा होकर करीब 170 रुपए प्रति किलो पहुंच गया है।
बोतल के ढक्कन (कैप) की कीमत दोगुने से ज्यादा बढ़कर 0.45 रुपए प्रति पीस हो गई है। इसके अलावा लेबल, कार्डबोर्ड बॉक्स और चिपकने वाली टेप जैसी पैकेजिंग सामग्री भी महंगी हो गई है।
इन सबका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है, खासकर छोटे निर्माताओं के लिए स्थिति ज्यादा मुश्किल हो गई है।
छोटे निर्माताओं ने बढ़ाए दाम
लागत बढ़ने के दबाव में करीब 2000 छोटे बोतलबंद पानी निर्माताओं ने अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए कीमत बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक प्रति बोतल करीब 1 रुपए यानी लगभग 5% तक कीमत बढ़ाई गई है। इंडस्ट्री संगठनों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में 10% तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल भारत में आमतौर पर 1 लीटर पानी की बोतल 20 रुपए से कम में मिलती है, लेकिन लागत बढ़ने का असर धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।
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बड़ी कंपनियां फिलहाल बोझ उठा रहीं
अभी खुदरा बाजार में कीमतों पर ज्यादा असर इसलिए नहीं दिख रहा, क्योंकि बिस्लेरी, किनले, एक्वाफिना और रिलायंस जैसे बड़े ब्रांड बढ़ती लागत का बोझ खुद उठा रहे हैं। लेकिन छोटे खिलाड़ियों के लिए ऐसा करना आसान नहीं है।
ऑल इंडिया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की महासचिव अपूर्वा दोशी के मुताबिक अगर मौजूदा हालात बने रहे तो अगले 4-5 दिनों में उपभोक्ता कीमतों पर असर दिखना शुरू हो सकता है।
प्रीमियम मिनरल वाटर भी महंगा
भारत में प्राकृतिक मिनरल वाटर का बाजार करीब 400 मिलियन डॉलर का है और तेजी से बढ़ रहा है।
कंपनियों का कहना है कि उन्होंने अपने रिसेलर्स के लिए बोतलों की कीमत करीब 18% तक बढ़ा दी है। कई कंपनियां अभी भी 40-50% अतिरिक्त लागत खुद वहन कर रही हैं ताकि ग्राहक न खोएं।
लेकिन अगर तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची रहीं, तो गर्मियों के पीक सीजन में बोतलबंद पानी का महंगा होना लगभग तय माना जा रहा है।
