नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत में केवल रजिस्टर्ड विनिर्माण कंपनियां ही कपड़ा क्षेत्र के लिए हाल ही में स्वीकृत 10,683 करोड़ रुपये की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत भाग लेने के लिए पात्र होंगी। कपड़ा मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, भाग लेने वाली कंपनियों को अपने कारखाने के परिसर में प्रोसेसिंग और संचालन गतिविधियों को करना होगा।

इसमें कहा गया है कि प्रोत्साहन लेने के दावों की गणना करते समय ट्रेडिंग और आउटसोर्स जॉब वर्क से मिले टर्नओवर को शामिल नहीं किया जाएगा।

भारत में रजिस्टर्ड कंपनियां ही होंगी पात्र

योजना के तहत रजिस्टर्ड कंपनी द्वारा निर्मित सामान केवल प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे, इसमें कहा गया है कि अन्य निर्माताओं या उसी समूह कंपनी की इकाइयों द्वारा निर्मित सामान को वृद्धिशील कारोबार की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। अधिसूचना में कहा गया है, 'केवल भारत में रजिस्टर्ड विनिर्माण कंपनियां ही इस योजना के तहत भाग लेने के लिए पात्र होंगी। योजना के तहत प्रोत्साहन पांच वर्षों 2025-26 से 2029-30 के लिए उपलब्ध होगा।

हालांकि, अगर कोई कंपनी एक साल पहले निवेश और प्रदर्शन के लक्ष्यों को हासिल करने में सक्षम है, तो वे 2024-25 से 2028-29 तक एक साल पहले ही पात्र हो जाएंगे। इस योजना में MMF (मानव निर्मित फाइबर) परिधान, एमएमएफ फैब्रिक और तकनीकी वस्त्र उत्पादों के 10 खंडों को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा, एक समूह की केवल एक कंपनी को कपड़ा के लिए पीएलआई के लिए रजिस्टर्ड होने की अनुमति दी जाएगी और उनकी कोई अन्य समूह कंपनी इस योजना में दूसरे भागीदार के रूप में भाग लेने के लिए पात्र नहीं होगी। हालांकि, समूह विचार के लिए एक से अधिक आवेदन कर सकता है, लेकिन पारदर्शी चयन के आधार पर उनके एक से अधिक प्रस्तावों को शॉर्टलिस्ट किए जाने की स्थिति में उन्हें उस प्रस्ताव के बारे में चयन के समय निर्णय लेना होगा, जिसे वे आगे ले जाना चाहते हैं।

Edited By: Nitesh