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नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकारी स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनी ओएनजीसी ने 37 तेल एवं गैस ब्लॉक के लिए बोली लगाई है जबकि केयर्न इंडिया ने नई ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी के तहत तेल और गैस क्षेत्र की भारत की पहली नीलामी में प्रस्तावित सभी 55 क्षेत्रों के लिए बोली लगाई है। हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी है कि उसे 110 बोलियां प्राप्त हुईं हैं।

नई ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (ओएएलपी) के तहत तेल और गैस क्षेत्र के 55 अन्वेषण ब्लॉक की नीलामी के लिए बिडिंग प्रक्रिया आज खत्म हो गई है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्प ने 26 ब्लॉक के लिए अकेले बोली लगाई और अन्य भागीदारों के साथ 11 ब्लॉक के लिए बोली लगाई। वहीं केयर्न इंडिया जो कि वेदांता लिमिटेड के नाम से जानी जाती है ने सभी 55 ब्लॉक के लिए बोली लगाई। इस मामले पर करीब से नजर रखने वाले एक सूत्र ने यह जानकारी दी है।

केयर्न ने 13 ब्लॉक के लिए बहुत आक्रामक बोलियां लगाईं जबकि अन्य 9 के लिए उसने थोड़ा कम आक्रामक बोलियां लगाईं, बाकी की अधिकांश बोलियां सामान्य रहीं। सरकारी तेल विपणन कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड एक अन्य बड़े बोलीदाताओं में शुमार रहा जिसने इंडियन ऑयल कॉर्प (आईओसी), गेल और भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (बीपीसीएल) जैसी अन्य पीएसयू तेल कंपनियों के साथ भागीदारी (कंसोर्टियम भागीदारों के रूप में) में बोलिया लगाते हुए देखा गया। गौरतलब है कि भारत सरकार ने पिछले साल जुलाई में कंपनियों को अन्वेषण के तहत देश में 2.8 मिलियन वर्ग किलोमीटर के ऐसे क्षेत्रों में अपनी पसंद के ब्लॉक बनाने की अनुमति दी थी, जहां अभी तक अन्वेषण नहीं हुआ है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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