नई दिल्ली, पीटीआइ। मांग की कमी के चलते ऑटोमोबाइल सेक्टर में सुस्ती वाहन कलपुर्जा उद्योग के करीब एक लाख अस्थायी कर्मचारियों पर भारी पड़ी है। कलपुर्जा उद्योग ने बताया है कि करीब एक लाख अस्थायी लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है। साथ ही इंडस्ट्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में उसका कुल कारोबार 10 फीसद गिर गया है।

एक्मा यानी ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को कहा कि ऑटोमोबाइल मार्केट में सुस्ती का असर कुलपुर्जा उद्योग पर भी पड़ा है। एक्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 के पहले छह महीने में इंडस्ट्री ने 1.79 लाख करोड़ का कारोबार किया है, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 की समान अवधि में इंडस्ट्री ने कुल 1.99 लाख करोड़ रुपये का कारोबार किया था।

कलपुर्जा इंडस्ट्री में सुस्ती से निवेश भी प्रभावित हुआ है। एक्मा के अनुसार, इंडस्ट्री को दो अरब डॉलर तक के निवेश का घाटा हुआ है। एक्मा के चेयरमेन दीपक जैन ने कहा, ‘‘ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री काफी लंबे समय से सुस्ती से गुजर रही है। सभी श्रेणियों की कारों की बिक्री में पिछले एक साल से गिरावट बनी हुई है।’’ उन्होंने कहा कि कलपुर्जा उद्योग में बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

जैन ने कहा कि कलपुर्जा इंडस्ट्री की ग्रोथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर निर्भर करती है और हाल में वाहनों के प्रोडक्शन में 15 से 20 फीसद की गिरावट आई है, जिससे वाहन कलपुर्जा इंडस्ट्री पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। जैन ने बताया कि पिछले साल अक्टूबर महीने से लेकर इस साल जुलाई माह तक करीब एक लाख अस्थायी कर्मचारियों को नौकरी से हटाना पड़ा है।

Posted By: Pawan Jayaswal

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